बॉलीवुड की एवरग्रीन और ग्रेसफुल एक्ट्रेस सायरा बानो का नाम तो सब जानते हैं, पर क्या आपको उनकी फैमिली का असली 'बैकस्टोरी' पता है? अपनी खूबसूरती से फैंस के दिलों पर राज करने वाली सायरा बानो का पारिवारिक इतिहास बॉलीवुड फिल्मों से भी ज्यादा वाइब्ड और ड्रामेटिक है. पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट और जीबी रोड एरिया की संकरी गलियों में छिपी उनकी पैतृक हवेली 'सराए बानो' तवायफों के एरा और क्लासिक म्यूजिक महफिलों के एक अनसुने दौर की गवाही देती है.
तवायफों के कोठे से बॉलीवुड के सिल्वर स्क्रीन तक का सफर
सायरा बानो का फैमिली बैकग्राउंड पुरानी दिल्ली की इसी हिस्टोरिकल हवेली से जुड़ा है. यह घर उनकी दादी छमिया बाई की लेगेसी है, जो अपने टाइम की एक बेहद पॉपुलर सिंगर और तवायफ थीं. उस जमाने में यह घर सिर्फ एक पुरानी बिल्डिंग नहीं, बल्कि क्लासिक म्यूजिक और डांस का अल्टीमेट हब हुआ करता था. इसी घर से निकलकर उनकी मां नसीम बानो ने हिंदी सिनेमा में एंट्री मारी और इंडस्ट्री की पहली 'ब्यूटी क्वीन' बनकर छा गईं.
आज बदहाली और गुमनामी में पड़ा है 'सराए बानो'
एनरूट_इंडियन_हिस्ट्री चैनल पर उनके इस घर की झलक दिखाई गई है. कभी म्यूजिक महफिलों और रॉयल वाइब्स से गुलजार रहने वाली यह प्रॉपर्टी आज प्रॉपर देख-रेख न मिलने की वजह से पूरी तरह खंडहर बन चुकी है. पुरानी दिल्ली की पतली गलियों में छिपी यह पैतृक हवेली अब जंग लगे दरवाजों और टूटी दीवारों के साथ लावारिस हालत में पड़ी है. बॉलीवुड के इतने बड़े लेजेंडरी घराने और रिच हिस्ट्री से जुड़े होने के बावजूद, यह हेरिटेज प्रॉपर्टी आज अपनी पहचान खोने की कगार पर है.
बचपन का पहला प्यार और 22 साल की उम्र में शादी
सायरा बानो की पर्सनल लाइफ किसी कमर्शियल फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही है. बॉलीवुड की पहली 'ब्यूटी क्वीन' नसीम बानो की बेटी होने के नाते वे बचपन से ही ग्लैमर की दुनिया के बीच रहीं, लेकिन महज 12 साल की उम्र में ही उनका दिल हिंदी सिनेमा के 'ट्रैजेडी किंग' दिलीप कुमार पर आ गया था. साल 1966 में, सायरा बानो जब सिर्फ 22 साल की थीं, उन्होंने अपने से 22 साल बड़े सुपरस्टार दिलीप कुमार से निकाह करके पूरे देश को चौंका दिया था.
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