ऑस्कर ट्रॉफी को सिक्योरिटी ने समझा हथियार, एयरपोर्ट से गायब हुआ अवॉर्ड

Oscar Trophy: रूस के फिल्ममेकर पाशा तलांकिन की ऑस्कर ट्रॉफी एयरपोर्ट सिक्योरिटी की वजह से गायब हो गई. सिक्योरिटी अधिकारियों ने ट्रॉफी को हथियार समझ लिया और फ्लाइट में ले जाने से रोक दिया. बाद में कार्गो में भेजी गई ट्रॉफी फ्रैंकफर्ट पहुंचने तक लापता हो गई.

Oscar Trophy: ऑस्कर जीतना किसी भी फिल्ममेकर के लिए बेहद खास पल होता है, लेकिन रूस के फिल्ममेकर Pasha Talankin के लिए यह खुशी एक अजीब परेशानी में बदल गई. हाल ही में उनके साथ एयरपोर्ट पर ऐसा वाकया हुआ, जिसने सभी को हैरान कर दिया. न्यूयॉर्क के जॉन एफ. केनेडी एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी अधिकारियों ने उनकी ऑस्कर ट्रॉफी को ‘संभावित हथियार’ मान लिया और उन्हें इसे फ्लाइट में साथ ले जाने से रोक दिया.

डॉक्यूमेंट्री के लिए मिला था ऑस्कर

पाशा तलांकिन को इस साल डॉक्यूमेंट्री Mr. Nobody Against Putin के लिए ऑस्कर सम्मान मिला था. इस फिल्म ने बेस्ट फीचर डॉक्यूमेंट्री कैटेगरी में जीत हासिल की थी. फिल्म का निर्देशन पाशा तलांकिन और David Borenstein ने मिलकर किया था.

बताया जा रहा है कि तलांकिन मार्च में अवॉर्ड जीतने के बाद कई बार फ्लाइट में इस ट्रॉफी को अपने साथ ले जा चुके थे, लेकिन इस बार मामला अलग हो गया.

सिक्योरिटी ने ट्रॉफी को बताया खतरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट सिक्योरिटी अधिकारियों ने ट्रॉफी के वजन और आकार को देखते हुए उसे संभावित हथियार मान लिया. करीब 3.8 किलो वजनी ऑस्कर ट्रॉफी को लेकर अधिकारियों ने सख्ती दिखाई और उसे केबिन में ले जाने की अनुमति नहीं दी.

फिल्ममेकर ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को समझाने की कोशिश की कि यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड है, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी. एयरलाइन स्टाफ ने भी मदद करने की कोशिश की, मगर सिक्योरिटी टीम अपने फैसले पर अड़ी रही.

कार्गो में भेजने के बाद गायब हुई ट्रॉफी

आखिरकार पाशा तलांकिन को अपनी ट्रॉफी कार्गो के जरिए भेजनी पड़ी. ट्रॉफी को सुरक्षित तरीके से पैक कर फ्लाइट में भेजा गया, लेकिन जब वह जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पहुंचे, तो उनका ऑस्कर वहां नहीं मिला.

फिल्म की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर Robin Hessman ने बताया कि एयरलाइन के पास बॉक्स का रिकॉर्ड मौजूद है, लेकिन ट्रॉफी अब तक नहीं मिली है. एयरलाइन अथॉरिटी ने इस घटना पर खेद जताते हुए ट्रॉफी को जल्द खोजने का भरोसा दिया है.

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Published by: Pushpanjali

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