Avatar Fire And Ash Review:अवतार की इस नयी किस्त में नएपन की है कमी

लेजेंडरी फिल्मकार जेम्स कैमरून की अवतार फायर एंड ऐश देखने की प्लानिंग है तो इससे पहले पढ़ लें यह रिव्यु

By Urmila Kori | December 21, 2025 1:42 AM

फिल्म – अवतार फायर एंड ऐश 

निर्माता और निर्देशक – जेम्स कैमरून   

कलाकार: सैम वर्थिंगटन, जोए साल्डाना, सिगौरनी वीवर, स्टीफन लांग, ऊना चैपलिन, केट विंसलेट, क्लिफ कर्टिस, जैक चैंपियन और अन्य 

प्लेटफार्म -सिनेमाघर 

रेटिंग -ढाई 

avatar fire and ash review :लीजेंडरी फिल्ममेकर जेम्स कैमरून तीन साल के अंतराल के बाद फिल्म अवतार की अनोखी दुनिया की तीसरी फ्रेंचाइजी अवतार :फायर एंड ऐश को लेकर आये हैं. तीसरी क़िस्त से उम्मीदें बड़ी थी. विजुअल अनुभव यह फिल्म इस बार भी ऐसा देती है कि मानों आप उस दुनिया का हिस्सा हैं,लेकिन फिल्म में नयेपन की भारी कमी रह गयी है.विजुवल्स आपको देखे दिखाए लगते हैं तो फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले प्रभावहीन रह गए हैं. इंसान और प्रकृति के संबंधों की गहरी बात इस बार फिल्म उस तरह से नहीं रख पायी है.जैसी उम्मीद थी. रही सही कसर फिल्म की लम्बाई पूरी कर देती है. 

ये फिल्म की कहानी 

फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां से खत्म हुई थी.किसी टीवी सीरीज की तरह कहानी शायद कुछ दिन ही आगे बढ़ी होगी. जैक और नेत्री के बड़े बेटे की मौत का जिम्मेदार छोटा बेटा लोहाक खुद को मानता है.वह उसी दुःख से जूझ रहा है. वह अपने बड़े भाई जैसा योद्धा बन अपने पिता का विश्वास जीतना चाहता है. नेत्री भी दर्द में है. जैक का बर्ताव नार्मल है लेकिन अंदर से उसे भी खालीपन महसूस होता है. बेटी किरी मदर गॉडेस आइवा के साथ अपने कनेक्शन को बनाने के जद्दोजहद से जूझ रही है. इन सबके बीच इस तीसरे पार्ट में भी कर्नल क्वारीच का मकसद जैक को पकड़ना और अपने बेटे स्पाइडर को अपनी दुनिया में लाना है. क्वारीच अपनी मदद के लिए इस बार इंसानों के साथ साथ ऐश पीपल्स को भी लेकर आया है. जो आग और राख की दुनिया से हैं. उनकी मुखिया वारांग का मकसद नावी लोगों को खत्म कर हर जगह अपना वर्चस्व बनाना है. क्या जैक और उसका परिवार कर्नल क्वारीच और राख की दुनिया की रानी से खुद को और नावियो को बचा पायेगा. जैक का बेटा लोहाक क्या अपने पिता के सामने खुद को योद्धा साबित कर पायेगा. यही सब इस तीसरे पार्ट की कहानी है.

फिल्म की खूबियां 

जेम्स कैमरून की यह करिश्माई दुनिया अवतार फिल्म दर फिल्म आगे बढ़ती जा रही है.2009 में रिलीज हुई अवतार में जमीं और हवा की दुनिया में रहने वाले ओमातिकाया कबीला को दिखाया गया था दूसरे पार्ट में पानी में रहने वाला मेटकायिना कबीला और तीसरे पार्ट में मांगकवान कबीला ,जो ऐश पीपल्स का है. इस दुनिया को परदे पर दिखाने में तकनीक का सबसे बड़ा योगदान है. यह बात सभी जानते हैं कि महान फिल्मकार जेम्स कैमरून ने अवतार की दुनिया को कई दशकों पहले सोचा था लेकिन तकनीक उन्नत होने का उन्हें इंतज़ार करना पड़ा.जिसके बाद उन्होंने तकनीकी संपन्न फिल्म अवतार बनायीं.जिसकी दुनिया कल्पना मात्र से ही रोमांचित कर देती है. फिल्म 99 परसेंट सीजीआई, वीएफएक्स और मोशन कैप्चर टेक्नोलॉजी से बनी है .सभी में आला दर्जे का काम हुआ है.वीएफएक्स बहुत डिटेलिंग के साथ हुआ है.थ्री डी इफेक्ट्स विजुअल्स को और ज्यादा बेहतरीन अनुभव स्क्रीन पर बनाते हैं.फिल्म अपने लुक में बेजोड़ है. अभिनय की बात करें तो फिल्म के सभी कलाकारों का काम अच्छा है. वारंग के किरदार की नयी एंट्री हुई है.जिसे ओना चैपलिन ने निभाया है.वह भी अपनी भूमिका के साथ न्याय करती हैं. फिल्म के एक्शन सीक्वेंस अच्छे है खासकर आखिरी के एक घंटे में.

खामियां रह गयी हैं ज्यादा

खामियों की बात करें तो फिल्म का मुख्य आधार यानी स्टोरीलाइन में ही दिक्कत है. फिल्म की कहानी में आपको अवतार के दूसरे भाग की ही तरह लगती है. नयेपन की  भारी कमी है. फिल्म की इस क़िस्त का नाम फायर एंड ऐश था, लेकिन यह कबीला इस बार कहानी में ज्यादा कुछ जोड़ नहीं पाया है.फिल्म की कहानी का आधार इस बार भी पानी है. पानी में ज्यादातर दृश्य फिल्माए हैं. आपको फिल्म देखते हुए यह अवतार 2 द वाटर वे का एक्सटेंडेड वर्जन ही लगता है. समुद्र और समुंद्री जीव कहानी में फिर से अहम है,टुल्कुन क्लैन के साथ इस बार भी युद्ध दिखाया गया है.कई बार आपको लगता है कि आप पिछले पार्ट देख रहे हैं फिल्म की लम्बाई में एक बड़ी दिक्कत है क्योंकि कहानी और स्क्रीनप्ले कमजोर रह गया है. फिल्म के फर्स्ट हाफ को देखते हुए आपको कई बार लगता है कि यह सीन गैर ज़रूरी था. इंडस्ट्री में यह कहावत प्रसिद्ध है कि आमतौर पर महंगी फिल्मों के निर्देशक अपनी फिल्मों के कांटने छांटने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है. इस फिल्म को देखते हुए यह कहावत सही साबित होती है. फिल्म का फर्स्ट हाफ बेहद कमजोर है. सेकेंड हाफ में थोड़ा कहानी सम्भलती है और आखिरी के एक घंटे ही दर्शक के तौर पर आपको पूरी तरह से बांधे रखते हैं.आखिर में फिल्म के चौथे और पांचवे पार्ट की भी घोषणा हो चुकी है लेकिन लेजेंडरी फिल्मकार जेम्स कैमरून को यह समझने की ज़रूरत है कि अगर वह अपने इस सिनेमाई शाहकार की करिश्माई दुनिया में कुछ नया जोड़ सकते हैं तो ही इससे नया पार्ट जोड़ें.