Indian Idol कंटेस्टेंट सवाई भट्ट ने कही बड़ी बात, कहा मम्मी पापा के लिए अब पक्का मकान बनवाऊंगा

Indian Idol 12, Indian Idol 12 Sawai Bhatt, Indian Idol 12 contestants: राजस्थान की मिट्टी की खुशबू लिए सिंगर प्रतियोगी सवाई भट्ट अपनी आवाज़ से इंडियन आइडल के मंच पर जजेस से लगातार वाहवाही बटोर रहे हैं. कठपुतली का खेल दिखाकर मुश्किल से गुजारा करने वाले सवाई भट्ट को उम्मीद है कि इंडियन आइडल का यह मंच उनके और उनकी परिवार की ज़िंदगी में बेहतर बदलाव लेकर आएगा. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत

राजस्थान की मिट्टी की खुशबू लिए सिंगर प्रतियोगी सवाई भट्ट अपनी आवाज़ से इंडियन आइडल के मंच पर जजेस से लगातार वाहवाही बटोर रहे हैं. कठपुतली का खेल दिखाकर मुश्किल से गुजारा करने वाले सवाई भट्ट को उम्मीद है कि इंडियन आइडल का यह मंच उनके और उनकी परिवार की ज़िंदगी में बेहतर बदलाव लेकर आएगा. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत

आपने पहले किसी रियलिटी शो के लिए ऑडिशन दिया है ?

मुझे पता नहीं था कि कैसे रियलिटी शो में जाते हैं।कैसे फॉर्म भरते हैं. हम लोग गांव के आसपास कठपुतली का खेल दिखाकर पैसे मांगते हैं. हमें इन सबके बारे में पता ही नहीं था.

तो फिर इंडियन आइडल से किस तरह से जुड़ना हुआ ?

मेरे नानी के गांव डिडवाना में मैं कठपुतली का तमाशा करने जाता था. वहां पर किसी ने मेरे मामा को कहा कि आपका भांजा अच्छा गाता है उसको इंडियन आइडल में भेजो तो फिर मेरे मामा ने कुछ लोगों की मदद से मेरा फॉर्म भरवाया.ऑनलाइन ऑडिशन दिलवाया. अच्छा हुआ ऑनलाइन ऑडिशन था अगर मुम्बई आकर ऑडिशन देना पड़ता तो नहीं कर पाता क्योंकि पैसे ही नहीं होते थे फिर आने के लिए.

संगीत की आपकी क्या ट्रेनिंग रही है ?

मुझे हमेशा से ही संगीत से लगाव था. मैं कई लोगों के पास सीखने के लिए भी गया था लेकिन किसी ने सिखाया नहीं क्योंकि सभी सीखाने के लिए पैसे मांगते थे और मेरे पास पैसे नहीं थे देने को. तमाशा करके मैं अपना घर चला रहा था दूसरों को कहां से पैसे देता था. मैंने मोबाइल से फिर सीखना शुरू किया।मेरे मामा के पास एंड्रॉयड फ़ोन था. उसमें यूट्यूब में जाकर मैंने बड़े गुलाम अली खान,नुसरत फतेह अली खान साहब इनको बहुत सुना. इनसे बहुत कुछ सीखने को मिला मुझे. मैंने आसपास के जागरण में फिर गाना गाना भी शुरू कर दिया था।मैंने देख देखकर ही हारमोनियम और तबला बजाना सीखा है.

लॉकडाउन आपके लिए कितना मुश्किलों भरा था ?

बहुत ज़्यादा परेशानी देखी. हमलोग का घर नहीं है. हम तंबू बांधकर रहते हैं. कठपुतली बेचते हैं और उसका खेल दिखाते हैं वो सब ठप्प पड़ गया था. पापा का एक्सीडेंट हो गया था तो कर्ज लेकर उनके पैर में रॉड लगवाई. मेरे हाथ की भी हड्डी टूट गयी थी तो उसका भी आपरेशन करवाया. बहुत कर्ज़ हो गया है. हां गांव वालों ने अनाज और पुराने कपड़े देकर मदद की।मेरे ननिहाल वाले भी राशन से मदद कर देते थे।जिसकी वजह से भूखा नहीं रहना पड़ा.

इंडियन आइडल का विनर अगर आप बनते हैं तो जीती हुई राशि का क्या करेंगे ?

मैं सबसे पहले अपने मम्मी पापा के लिए घर बनाऊंगा. अब तंबू में नहीं रहने दूंगा. मैं अपने भाई बहन और दादा को अच्छी ज़िन्दगी देना चाहता हूं. जैसे सबलोग जीते हैं.

मुम्बई में कैसा लग रहा है आपको ?

बहुत अच्छा लग रहा है।बहुत सुंदर घर और होटल हैं. जो भी प्रतियोगी हैं वो परिवार की तरह मुझसे बर्ताव करते हैं. कोई और होता तो सोचता कि राजस्थान से है कठपुतली का खेल दिखाता है पता नहीं कैसे रहता होगा लेकिन ये लोग ऐसे नहीं है. मुझे जो चीज़ नहीं आती है वो बताते भी हैं. जैसे मैंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार एसी देखा है. हमारे घर में तो पंखा भी नहीं है तो वो बताते हैं कैसे इसका इस्तेमाल करना है. नयी नयी चीज़ें सीखने को मिल रही है अच्छे लोगों से सीखने को मिल रही है. इंडियन आइडल में गाना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है.

Posted By: Shaurya Punj

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Author: कोरी

Published by: Prabhat Khabar

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