Tukaram Mudhe FDA Mumbai Raid: महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे, जो राज्यभर में होटल और खाने-पीने की जगहों पर सरप्राइज निरीक्षण करने के लिए जाने जाते हैं, अब फिल्म स्टूडियो की भी जांच कर सकते हैं. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने FDA को पत्र लिखकर मुंबई के शूटिंग सेट्स पर परोसे जाने वाले खाने की जांच करने की मांग की है. संस्था का कहना है कि फिल्म कर्मचारियों को मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही हैं.
FWICE Raise Health Concern Over Foods On Shooting Set: शूटिंग सेट पर खाने को लेकर चिंता
एक रिपोर्ट के मुताबिक, FWICE ने मुंबई के अलग-अलग शूटिंग लोकेशन्स और कैटरिंग सुविधाओं पर अचानक निरीक्षण कराने की मांग की है. फेडरेशन का कहना है कि कई सालों से सेट पर मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. उनका मानना है कि खराब और असुरक्षित खाना कर्मचारियों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है, क्योंकि वे लंबे समय तक शूटिंग पर काम करते हैं.
FWICE के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने कहा,
"मजदूर, टेक्नीशियन और कलाकार घंटों तक शूटिंग सेट पर काम करते हैं. उन्हें सुरक्षित, साफ और पौष्टिक भोजन मिलना उनका अधिकार है. यह कोई सुविधा नहीं, बल्कि उनकी बुनियादी जरूरत है."
उन्होंने आगे कहा कि यह उन लोगों की सेहत और सम्मान का सवाल है, जो मनोरंजन उद्योग को आगे बढ़ाते हैं. उन्हें उम्मीद है कि FDA इन शिकायतों पर ध्यान देगा और जरूरत पड़ने पर प्रोडक्शन हाउस और कैटरिंग एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा.
Raid at Film City Along with Other Place: फिल्म सिटी समेत कई जगहों पर जांच की मांग
FWICE ने FDA से खास तौर पर गोरेगांव की फिल्म सिटी और मुंबई व आसपास के अन्य शूटिंग लोकेशन्स पर अचानक निरीक्षण करने की अपील की है. संस्था चाहती है कि अधिकारी किचन, खाना बनाने की जगह, स्टोरेज एरिया और कैटरिंग व्यवस्था की जांच करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी व्यवस्थाएं 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के नियमों का पालन कर रही हैं.
फेडरेशन ने यह भी मांग की है कि जहां खाना असुरक्षित, मिलावटी या खाने योग्य न मिले, वहां उसके सैंपल लेकर जांच की जाए. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रोडक्शन हाउस, कैटरर्स और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। FWICE ने जांच के दौरान FDA को हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया है.
What is Mundhe Effects: मुंढे इफेक्ट्स क्या हैं?
यह शब्द रेस्तरां और होटलों के कामकाज में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है. यह बदलाव किसी एक छापेमारी की वजह से नहीं, बल्कि FDA की बदली हुई कार्यप्रणाली का नतीजा है. तुकाराम मुंडे के कार्यकाल में नियमों का उल्लंघन मिलने पर लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिए जाते हैं. पहले प्रतिष्ठानों को कार्रवाई से पहले चुपचाप अपनी कमियां सुधारने का मौका दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होता.
