जरा सोचिए, साल 2022 में देश की चर्चित फिल्म Rocketry से आपका म्यूजिकल डेब्यू होने वाला हो. परिवार के साथ इस बड़े सपने को सेलिब्रेट भी कर चुके हों. फिर रिलीज से कुछ वक्त पहले पता चले कि फिल्म में गाने ही नहीं हैं. हाथ लगती है हताशा, निराशा और सबसे मुश्किल सवाल- अब परिवार को क्या कहें? जिस डेब्यू का सपना दिखाया था, वह टूट गया.
कट टू 2026.
इस साल Hanuman Ansh की जबरदस्त चर्चा है और फिल्म के तीन गाने उसी संगीतकार ने कंपोज किए हैं, जिसका डेब्यू चार साल पहले होते-होते रह गया था.
कहानी फिल्मी और जादुई लगती है. लेकिन सौ फीसदी सच है. यह कहानी है सीतामढ़ी के Rishi Pathak की, जिन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार Hanuman Ansh के जरिए अपनी पहचान बना ली. Rishi Pathak ने हमसे Exclusive बातचीत में अपने उस टूटे हुए सपने से लेकर Hanuman Ansh तक के सफर को याद किया.
‘परिवार को बता दिया था कि मेरा बॉलीवुड डेब्यू होने वाला है’
Rishi ने A.R. Rahman Academy से म्यूजिक की ट्रेनिंग ली है. संगीत को करियर बनाने का सपना लेकर वह मुंबई पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें R. Madhavan की फिल्म Rocketry में काम करने का मौका मिला.
वह बताते हैं, “उस फिल्म के लिए मैंने एक गाना कंपोज किया था. Madhavan सर को वह गाना पसंद भी आया था. मैं बहुत एक्साइटेड था. मैंने अपने परिवार को भी बता दिया था कि मेरा बॉलीवुड डेब्यू होने वाला है.”
लेकिन कहानी यहां बदल गई.
“आखिरी वक्त पर पता चला कि फिल्म में कोई गाना ही नहीं जा रहा है. मेरा डेब्यू होते-होते रह गया. बहुत उम्मीद थी. बुरा लगा.”
किसी नए कलाकार के लिए पहला बड़ा मौका सिर्फ एक क्रेडिट नहीं होता. वह उसके सालों के सपने का पहला पड़ाव होता है. Rishi के लिए भी यह झटका आसान नहीं था.
‘फिर Chennai जाकर ग्रामीण बच्चों को संगीत सिखाने लगा’
इस निराशा के बाद Rishi ने खुद को काम से जोड़े रखा. वह Chennai चले गए और ग्रामीण इलाकों के बच्चों को संगीत की ट्रेनिंग देने लगे.
“मैं वहां बच्चों को संगीत सिखाने लगा. इस बीच एक-दो वेब शो के लिए भी मैंने म्यूजिक कंपोज किया. काम चलता रहा, लेकिन कहीं न कहीं बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने की चाहत थी.”
शायद उस वक्त Rishi को भी नहीं पता था कि Rocketry में छूटा मौका उन्हें एक ऐसे प्रोजेक्ट तक ले जाएगा, जो उनके करियर की पहचान बन जाएगा.
वह कहते हैं, “अब वो कहते हैं न कि ऊपर वाले की मर्जी ही कुछ और थी. मैं Vishal जी से मिला और हमने Hanuman Ansh साथ में किया. फिल्म को जो रिस्पॉन्स मिला है, उससे बेहतर बॉलीवुड डेब्यू हो ही नहीं सकता था.”
‘Vishal सर बिना फीस के भी कहते तो काम कर लेता’
Rishi निर्देशक Vishal को अपना मेंटर मानते हैं. दोनों पिछले करीब सात साल से साथ जुड़े हुए हैं. Rishi के मुताबिक इस सफर में Vishal ने उन्हें लगातार मौके दिए.
“Vishal सर ने मुझे कई मौके दिए हैं. अगर वह मुझे बिना फीस के भी काम करने को कहते तो मैं कर लेता. बिहार से इतनी दूर मुंबई जैसी मायानगरी में जब कोई लगातार आपका सपोर्ट करता है तो वह बहुत बड़ी बात होती है.”
उनके लिए Vishal का साथ सिर्फ काम मिलने तक सीमित नहीं रहा.
“मेरे लिए वह सिर्फ निर्देशक नहीं हैं. मैं उन्हें अपना मेंटर मानता हूं. उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे अपनी क्रिएटिविटी दिखाने की आजादी दी.”
‘हर क्रिएटिव को पूरी आजादी मिली, इसलिए सबने दिल से काम किया’
Rishi बताते हैं कि Hanuman Ansh की पूरी क्रिएटिव टीम को Vishal ने काम करने की पूरी आजादी दी थी.
“उन्होंने टीम के सभी क्रिएटिव लोगों को पूरी क्रिएटिव लिबर्टी दी थी. यही वजह है कि सभी ने अपना काम पूरे दिल से किया. जब किसी कलाकार को अपनी बात कहने और अपनी क्रिएटिविटी दिखाने की आजादी मिलती है तो उसका असर काम पर भी दिखाई देता है.”
Rishi के हिस्से में फिल्म के तीन गाने आए. ‘राम भजन की ओर’, ‘जय हनुमान’ और ‘वैष्णव जन तो’ को उन्होंने कंपोज किया.
‘सेट पर हर धर्म के लोग थे, लेकिन मकसद एक था’
Hanuman Ansh धार्मिक विषय पर बनी फिल्म है. लेकिन Rishi के मुताबिक फिल्म के सेट का माहौल किसी एक धर्म तक सीमित नहीं था. वहां अलग-अलग धर्मों के लोग साथ काम कर रहे थे.
“बेशक फिल्म हिंदू धर्म के गुरु पर बन रही थी, लेकिन सेट पर सभी धर्मों के लोग बतौर क्रू मौजूद थे. हम सबका एक ही मकसद था. इस फिल्म के साथ पूरी ईमानदारी और लगन से काम करना.”
यही वजह है कि जब फिल्म को मुस्लिम दर्शकों से मिल रहे प्यार की चर्चा हुई तो Rishi को इसमें कुछ असामान्य नहीं लगा.
“जब थिएटर में मुस्लिम दर्शकों के फिल्म देखने की बात चली तो चेहरे पर एक मुस्कान थी. यह तो हम रोज अपने सेट पर देखा करते थे.”
Rishi बताते हैं कि शूटिंग की शुरुआत भी एक खास माहौल में होती थी.
“सभी धर्मों के लोग जूते उतारकर और हनुमान चालीसा के साथ ही शूटिंग की शुरुआत करते थे. सेट पर नॉनवेज तो किसी ने खाया ही नहीं. सबने फिल्म के लिए एक जैसा समर्पण दिखाया.”
अपनी सेविंग्स से खोला स्टूडियो, अब इंडिपेंडेंट मेकर्स की मदद
मुंबई में अपने संघर्ष के दौरान Rishi ने अपनी सेविंग्स से एक छोटा सा म्यूजिक स्टूडियो भी खोला है. यहां वह इंडिपेंडेंट मेकर्स के लिए सीमित बजट में संगीत तैयार करते हैं.
उनकी कोशिश है कि बजट कम होने की वजह से किसी फिल्ममेकर को अपने प्रोजेक्ट के संगीत से समझौता न करना पड़े.
इसके पीछे भी वह अपने मेंटर Vishal की एक सीख को याद करते हैं.
“Vishal सर ने मुझे एक बात कही थी. तुमसे जो बन पड़ता है, उसे सामने वाले की मदद में लगा दो. चीजों को पास ऑन करने से बरकत ही होता है.”
Rishi आज उसी बात को अपने तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं.
‘लगातार कॉल और मैसेज आ रहे हैं’
Hanuman Ansh की सफलता ने Rishi की जिंदगी में एक और बदलाव किया है. अब उनके पास लगातार कॉल और मैसेज आ रहे हैं. जिस पहचान का इंतजार उन्होंने मुंबई में रहते हुए लंबे समय तक किया, वह अब धीरे-धीरे उनके दरवाजे तक पहुंच रही है.
“लगातार लोगों के कॉल और मैसेज आ रहे हैं. अब लोग मुझे इस फिल्म की वजह से पहचानने लगे हैं. यह मेरे लिए बहुत बड़ी खुशी है.”
सबसे खास बात यह है कि अब उनकी सफलता की खबर उनकी अपनी मिट्टी तक पहुंच चुकी है. बिहार के मुख्यमंत्री की तरफ से फिल्म की टीम को न्योता आया है.
‘अपनी मिट्टी में जाकर अपना काम दिखाने का गौरव अलग है’
सीतामढ़ी से निकलकर मुंबई पहुंचे Rishi के लिए बिहार से मिला यह सम्मान बेहद भावुक करने वाला है.
वह कहते हैं, “अपनी मिट्टी में जाकर अपने काम को दिखाने का गौरव अलग ही होता है. मैं बिहार से निकलकर मुंबई आया था. आज अगर अपने काम की वजह से बिहार में बुलाया जा रहा है तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है.”
बिहार जाने की योजना कब बनेगी, यह अभी तय नहीं है. Rishi कहते हैं कि इसकी प्लानिंग Vishal ही तय करेंगे.
लेकिन कहानी शायद इससे कहीं ज्यादा बड़ी है.
एक वक्त था जब Rishi ने अपने परिवार को अपने पहले बॉलीवुड डेब्यू की खबर सुनाई थी और कुछ ही वक्त बाद वह सपना टूट गया. आज वही Rishi एक ऐसी फिल्म के संगीत से पहचाने जा रहे हैं, जिसकी चर्चा हर तरफ है.
Rocketry में छूटा गाना शायद उनके करियर का अंत नहीं, एक लंबी कहानी की शुरुआत था. सीतामढ़ी से निकले इस लड़के ने रास्ता बदला, शहर बदला, बच्चों को संगीत सिखाया, छोटे प्रोजेक्ट किए और इंतजार किया. फिर Hanuman Ansh आया.
और इस बार सिर्फ बॉलीवुड डेब्यू नहीं हुआ. एक कलाकार को उसकी पहचान मिली.
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