Exclusive: Aspirants फेम सनी हिंदुजा बोले- बॉलीवुड पहुंचने का जरिया OTT बना, इन फिल्मों में कर रहे काम

वेब सीरीज एस्पिरेन्ट्स से सनी हिंदुजा काफी चर्चा में रहे. इसमें उन्होंने संदीप भैया का रोल निभाया था. एक्टर जल्द ही कुछ बड़े बैनर वाली फिल्मों में नजर आने वाले है.

Sunny Hinduja interview: फैमिली मैन, भौकाल, चाचा ज़िंदाबाद, एस्पिरेन्ट्स जैसे ओटीटी प्रोजेक्ट्स से अभिनय का भरोसेमंद नाम बन चुके सनी हिंदुजा (Sunny Hinduja) इन दिनों अपने बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स शहजादा और थाई मसाज को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. उनकी इन फिल्मों और कैरियर पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत.

ओटीटी के बाद अब बॉलीवुड फिल्मों में आप नज़र आनेवाले हैं,यह फीलिंग कितनी खास है?

जब आप फिल्मों में आने को सोचते हैं,तो आपको थिएटर ही दिखता है। सालों बाद यह मौका मिल रहा है।ओटीटी को धन्यवाद देना चाहूंगा, क्योंकि वो हमारा जरिया बना। जिससे कहीं ना कहीं एक पहचान बनी और फिल्में भी आफर होने लगी हैं।

शहजादा और थाई मसाज दोनों बड़े बैनर की फिल्में हैं,जिनसे पॉपुलर एक्टर्स जुड़े हैं,क्या ये पहलू फिल्मों को हां कहने में सबसे अहम होते हैं?

मुझे मेरा रोल और परफॉर्मेंस खुशी देता है तो मैं उसी के बारे में सोचता हूं कि मैं अपना बेस्ट दूं. कौन है,कौन नहीं ये सब नहीं सोचता बस मुझे लगता है कि एक एक्टर को अपने परफॉर्मेंस पर ध्यान देना चाहिए.

दोनों फिल्में आपको क्या अलग-अलग करने का मौका दे रही हैं?

दोनों काफी अलग कहानी है तो उससे जुड़े किरदार भी काफी अलग हैं. एक आसमान तो दूसरा जमीन है. शहजादा बहुत ही रिच और एक अलग लेवल की फ़िल्म है,तो वही थाई मसाज की कहानी उज्जैन पर बेस्ड है. एक फ़िल्म की कहानी खुले विचारों को दर्शाती है जबकि दूसरी कहानी छोटी सोच को दर्शाती है. इससे ज़्यादा फिलहाल नहीं बता पाऊंगा.

अपने किरदारों के लुक और भाषा के साथ आप काफी प्रयोग करते हैं,इन फिल्मों में क्या खास किया है?

हां,दोनों कहानी के बैकड्रॉप के अनुसार बाहरी और भीतरी दोनों ही प्रयोग किया है. थाई मसाज छोटे से शहर उज्जैन की कहानी है,तो शूटिंग के कुछ दिन पहले उज्जैन चला गया था,ताकि वहां के लोगों को ऑब्सर्व कर सकूं.

क्या दोनों फिल्में इस साल ही रिलीज होने वाली है?

जहां तक मुझे मालूम है,इस साल ही रिलीज होनी चाहिए ,फिर मेकर्स पर है कि वो क्या फैसला लेते हैं.

जिस तरह के ऑफर्स मिल रहे हैं उससे कितना खुश हैं?

हां मैं खुश हूं।अभिनय मेरे लिए मेरा जुनून है. अब ये मेरी चाहत है इसलिए मैंने धैर्य रखा. आप चाहे तो उसको स्ट्रगल कह सकते हैं लेकिन मेरे लिए वो मेरा इंतज़ार था. मेरा खुद पर विश्वास था। जो मेरा समय था वो मेरी तपस्या थी. ये चीज़ें चलती रहेंगी. आप शाहरुख खान साहब से पूछेंगे, तो वो भी कहेंगे कि मैं इससे बेहतर कर सकता हूं,तो उनकी तपस्या अलग है मेरी अलग. सेट पर रहता हूं तो बहुत खुश रहता हूं और थैंक फुल भी रहता हूं.

क्या अब बॉलीवुड फिल्मों पर ही फोकस होगा ?

बिल्कुल नहीं, ओटीटी ने ही मुझे पहचान दी है और ओटीटी बहुत अलग – अलग कंटेंट भी बना रहा है,तो एक एक्टर के तौर पर यह बहुत खास बात है. एक वेब सीरीज भी कर रहा हूं.

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Author: कोरी

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