Horror Serial: रात के 11 बजे टीवी से आती थी रोने की आवाजें, कांप उठती थी रूह, दूरदर्शन का पहला हॉरर शो

Doordarshan Horror Serial: दूरदर्शन का पहला हॉरर शो जो रात के 11 बजे आता था. समय होते ही टीवी से अजीब सी डरावनी रोने की आवाजें, चीखने-चिल्लाने का साउंड और तरह-तरह की आहट लोगों की रूह कंपा देती थी. जानिए क्या था उस शो का नाम?

Doordarshan Horror Serial: आज के समय में ओटीटी प्लेटफॉर्म और 24×7 टीवी चैनलों की कोई कमी नहीं है. जब चाहो, जैसा चाहो कंटेंट मिल जाता है. लेकिन अगर हम 1980 के दशक में लौटें, तो टीवी देखना अपने आप में एक इवेंट हुआ करता था. उस दौर में दूरदर्शन ही इकलौता सहारा था और वही तय करता था कि हम क्या और कब देखेंगे. खबरें हों, सीरियल हों, फिल्म या गाने, सबकी अपनी फिक्स टाइमिंग होती थी. विकल्प कम थे, लेकिन जो दिखाया जाता था, उसका असर बहुत गहरा होता था.

दूरदर्शन पर हुआ प्रयोग

उसी दौर में दूरदर्शन पर कुछ ऐसे प्रयोग भी हुए, जिन्होंने भारतीय टेलीविजन का इतिहास बदल दिया. साल 1989 में एक ऐसा धारावाहिक आया, जिसने टीवी पर हॉरर की नींव रखी. आहट और फियर फाइल्स से बहुत पहले यह शो बच्चों से लेकर बड़ों तक को डराने में कामयाब रहा. लोग इसे देखकर सच में कांप जाया करते थे.

जब रात 11 बजे घर में छा जाता था सन्नाटा

आज भले ही लोग आहट और फियर फाइल्स को टीवी का शुरुआती डरावना शो मानते हों, लेकिन इनसे पहले भी एक सीरियल था, जिसने दर्शकों की नींद उड़ा दी थी. यह शो रात करीब 11 बजे आता था. जैसे ही टीवी से चीखने या रहस्यमयी आवाजें आतीं, पूरा घर चुप हो जाता था. डर जरूर लगता था, लेकिन चैनल बदलने की किसी में हिम्मत नहीं होती थी. यह धारावाहिक हफ्ते में सिर्फ एक दिन आता था, लेकिन उसका डर पूरे हफ्ते लोगों के दिमाग में बना रहता था. हर एपिसोड के बाद बस एक ही सवाल होता था, अब आगे क्या होगा? इस शो का नाम था ‘किले का रहस्य’.

किले का रहस्य धारावाहिक

रहस्य और खौफ से भरी कहानी

‘किले का रहस्य’ की कहानी एक ऐसे पुराने किले के इर्द-गिर्द घूमती थी, जिसे भुतहा माना जाता था. कहा जाता था कि जो भी उस किले में जाता है, उसकी पीठ पर इंसानी हाथों के निशान उभर आते हैं. इसके बाद उसके साथ कुछ बेहद डरावना होता है या फिर उसकी मौत हो जाती है. यही रहस्य दर्शकों को टीवी स्क्रीन से बांधे रखता था. इस सीरियल में मशहूर रंगकर्मी, लेखक और अभिनेता पीयूष मिश्रा लीड रोल में नजर आए थे. उनके साथ वीरेंद्र सक्सेना जैसे शानदार कलाकार भी थे.

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By Aniket kumar

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