Karisma Kapoor के बच्चों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. उनके पिता संजय कपुर, जो एक बड़े बिजनेसमैन थे, अपने पीछे करीब 30,000 करोड़ रुपए की संपत्ति छोड़ गए हैं. इस संपत्ति को लेकर फिलहाल कोर्ट में विवाद चल रहा है. इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि अभी के लिए पूरी प्रॉपर्टी को जैसी है वैसी ही रखा जाएगा. यानी जब तक केस का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक न तो इस संपत्ति को बेचा जा सकता है और न ही किसी और के नाम ट्रांसफर किया जा सकता है.
झगड़ा किस बात का है?
यह विवाद एक तरफ करिश्मा कपूर के बच्चों और दूसरी तरफ उनकी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर के बीच चल रहा है. दरअसल, संजय कपुर के निधन के बाद एक वसीयत सामने आई, जिस पर बच्चों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इस वसीयत में गड़बड़ी हो सकती है और यह पूरी तरह सही नहीं लगती. बच्चों को शक है कि उन्हें उनका पूरा हक नहीं दिया जा रहा है, इसलिए उन्होंने कोर्ट का सहारा लिया है.
कोर्ट को शक क्यों हुआ?
दिल्ली हाई कोर्ट को भी इस मामले में कुछ बातें अजीब और शक वाली लगीं:
- सबसे पहले, यह वसीयत कहीं भी सरकारी दफ्तर में रजिस्टर नहीं है, जिससे इस पर सवाल उठते हैं.
- दूसरी बात, वसीयत में कई बातें साफ-साफ नहीं लिखी गई हैं, जिससे कन्फ्यूजन होता है.
- और सबसे बड़ी बात, इस वसीयत का सबसे ज्यादा फायदा सिर्फ प्रिया सचदेव कपूर को ही मिल रहा है.
इसलिए कोर्ट ने कहा कि इन सभी बातों को अच्छे से जांचना जरूरी है.
अब क्या-क्या नहीं कर पाएंगी प्रिया सचदेव कपूर ?
कोर्ट ने बच्चों का हक बचाने के लिए प्रिया कपूर पर कई पाबंदियां लगा दी हैं. अब वह किसी भी बैंक खाते से पैसे इधर-उधर नहीं कर पाएंगी. इसके साथ ही विदेश में मौजूद बैंक अकाउंट और क्रिप्टो (इंटरनेट वाला पैसा) का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा. इतना ही नहीं, उन्हें हर पैसे का पूरा हिसाब कोर्ट को देना होगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो.
