Swara Bhasker Controversies: एक्ट्रेस स्वरा भास्कर जब भी किसी मुद्दे पर खुलकर बोलती हैं, उनकी बात सोशल मीडिया तक पहुंचते-पहुंचते अक्सर बवाल बन जाती है. कई बार उन्हें भारी ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ता है. अब ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर दिए उनके बयान ने फिर से बहस छेड़ दी है. हालांकि, ये पहली बार नहीं है, इससे पहले भी स्वरा अपने कई बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुकी हैं. आइए जानते हैं उनके ऐसे ही 5 बयान, जिन पर खूब बवाल मचा था.
"लाहौर जैसा शहर पूरी दुनिया में नहीं है"
साल 2015 में स्वरा भास्कर पाकिस्तान की यात्रा पर गई थीं. वहां एक टॉक शो के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के लोगों और वहां के माहौल की खूब तारीफ की थी. स्वरा ने कहा था कि पाकिस्तान एक बहुत खूबसूरत देश है और उन्हें वहां आकर काफी प्यार मिला. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि लाहौर जैसा शहर पूरी दुनिया में कहीं नहीं है. स्वरा के इस बयान का वीडियो जैसे ही भारत में देखा गया, लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें बहुत बुरी तरह ट्रोल किया था.
"मैं हिंदुस्तान हूं, मैं शर्मिंदा हूं"
साल 2018 में कठुआ में हुई एक दुखद और दर्दनाक घटना के विरोध में स्वरा भास्कर ने अपने हाथ में एक प्लेकार्ड लेकर फोटो खिंचवाई थी. उस प्लेकार्ड पर लिखा था, "मैं हिंदुस्तान हूं, मैं शर्मिंदा हूं." उनकी यह तस्वीर सामने आते ही इंटरनेट पर भारी बवंडर उठ खड़ा हुआ था. आलोचकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उन पर देश और धर्म की छवि खराब करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें महीनों तक इंटरनेट पर विरोध झेलना पड़ा था.
"सवाल पूछना देशद्रोह नहीं है"
साल 2019 और 2020 में देश भर में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. स्वरा भास्कर न सिर्फ सोशल मीडिया पर एक्टिव थीं, बल्कि वह खुद सड़कों और यूनिवर्सिटी कैंपस में जाकर प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल हुई थीं. उन्होंने मंच से बोलते हुए सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल खड़े किए थे. उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक देश में जनता का सरकार से सवाल पूछना उसका हक है और सवाल पूछने वालों को 'देशद्रोही' नहीं कहा जा सकता. उनके इन भाषणों पर कई न्यूज चैनलों पर गर्मा-गर्म बहसें हुई थीं.
"लगा जैसे मेरी पहचान सिर्फ एक 'वजाइना' बनकर रह गई"
साल 2018 में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज के बाद स्वरा भास्कर ने एक ओपन लेटर लिखा था, जिसने पूरे देश में तहलका मचा दिया था. स्वरा ने फिल्म में दिखाए गए 'जौहर सीन' (आग में कूदकर जान देने की प्रथा) पर सख्त ऐतराज जताया था.
उन्होंने खत में लिखा था कि फिल्म देखते वक्त उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे एक औरत का अस्तित्व सिर्फ उसके शरीर और 'वजाइना' तक ही सीमित कर दिया गया है. उनका कहना था कि इज्जत पर खतरा आते ही महिला को जान दे देनी चाहिए, इस तरह की पुरातन सोच का 21वीं सदी में महिमामंडन करना गलत है.
स्वरा के इस शब्द और बयान पर बॉलीवुड से लेकर सोशल मीडिया तक भारी हंगामा हुआ था.
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तालिबान की तुलना भारतीय हिंदुत्व संगठनों से करना
साल 2021 में जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था, तब स्वरा भास्कर ने एक ट्वीट करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया था. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि हम तालिबानी कट्टरवाद पर दुख जता रहे हैं, लेकिन हमें भारत में भी 'हिंदुत्व कट्टरवाद' पर चुप नहीं रहना चाहिए.
तालिबान जैसे आतंकी संगठन की तुलना भारतीय धार्मिक और सामाजिक संगठनों से करने पर स्वरा की जमकर आलोचना हुई थी. सोशल मीडिया पर #ArrestSwaraBhasker ट्रेंड होने लगा था और कई लोगों ने उनकी गिरफ्तारी तक की मांग कर दी थी.
