नितेश तिवारी की रामायण को लेकर फैंस एक्साइटेड हैं. इसी बीच रणबीर कपूर ने नितेश तिवारी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर खुलासे किए. भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे एक्टर ने बताया कि इस कहानी का कैनवास इतना बड़ा है कि इसे आराम से 10 फिल्मों में भी दिखाया जा सकता था. इतना ही नहीं, उन्होंने रामायण: पार्ट 2 और सनी देओल के हनुमान बनने को लेकर भी एक्साइटिंग अपडेट शेयर किया.
रामायण को पूरी तरह दिखाने के लिए 10 पार्ट्स भी कम पड़ सकते थे
द डायरेक्ट से बातचीत में रणबीर कपूर ने बताया कि भारत के सबसे प्रतिष्ठित महाकाव्यों में से एक रामायण को बड़े पर्दे पर उतारना बिल्कुल भी आसान नहीं था. उन्होंने माना कि इतनी विशाल कहानी को महज दो फिल्मों में समेटना टीम के लिए सबसे बड़ा चैलेंज था. रणबीर ने निर्देशक नितेश तिवारी और पूरी राइटिंग टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने कहानी की भावनाओं और मूल संदेश को बरकरार रखते हुए इसे दो पार्ट्स में बेहद शानदार तरीके से पेश किया है. उन्होंने कहा, "सच कहूं तो रामायण जैसी कहानी को पूरी तरह दिखाने के लिए फिल्म के 10 पार्ट की जरूरत पड़े, लेकिन इसे सिर्फ दो पार्ट्स में इतने सटीक तरीके से समेटना बेहद मुश्किल काम था."
रामायण के दूसरे पार्टी की शूटिंग 50 प्रतिशत हो चुकी है पूरी
इसी बातचीत में रणबीर ने रामायण: पार्ट 2 को लेकर भी अपडेट दिया. उन्होंने खुलासा किया कि पहले पार्ट की रिलीज से पहले ही दूसरे पार्ट की करीब 50 फीसदी शूटिंग पूरी हो चुकी है. उन्होंने कहा, "हम पार्ट 2 की लगभग 50% शूटिंग पहले ही पूरी कर चुके हैं, क्योंकि यह एक ही कहानी का लगातार आगे बढ़ने वाला हिस्सा है."
सनी देओल के हनुमान का रोल होगा कई ज्यादा दमदार और अहम
रणबीर ने आगे यह भी हिंट दिया कि रामायण: पार्ट 2 पहले पार्ट से भी ज्यादा ग्रैंड और एंटरटेनिंग होने वाली है. उन्होंने बताया कि दूसरे पार्ट में सनी देओल के हनुमान का किरदार पहले से कहीं ज्यादा दमदार और अहम भूमिका में नजर आएगा. फिल्म रामायण में साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा के किरदार में दिखाई देंगी. पहला पार्ट दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा, जबकि दूसरा पार्ट दिवाली 2027 में दर्शकों के बीच आएगा.
रणबीर कपूर ने बताया क्या सिखाती है रामायण
रणबीर ने यह भी साफ किया कि आज के दर्शकों से जुड़ने के लिए रामायण में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है. उनका मानना है कि यह कहानी हजारों सालों से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि रामायण जैसी कहानी को नया रूप देने की जरूरत है. यह ग्रंथ करीब 4000 सालों से लोगों के बीच मौजूद है. भगवान श्रीराम दुनियाभर के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं. यह कहानी साहस, बुराई पर अच्छाई की जीत, धर्म का रास्ता, क्षमा, दया और अहंकार जैसे जीवन के सबसे बड़े सबक सिखाती है."
