‘कानपुर में जब भी किसी बारात में अमिताभ बच्चन…,’ राजू श्रीवास्तव के भाई ने सुनाया दिल छूने वाला किस्सा

राजू श्रीवास्तव के भाई दीपू ने कहा कि अमिताभ बच्चन उनके लिए भगवान थे. जब कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान बिग बी को भीषण चोट लगी तब महज 18 वर्ष की आयु में श्रीवास्तव मुंबई पहुंच गए थे. राजू के भाई ने उनसे जुड़ी दिलचस्प बात बताई.

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने 58 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. राजू ने अपनी पूरी जिंदगी सबको हंसाया था और अब उनके जाने पर फैंस की आंखें नम है. राजू जब बेहोश थे, तब अमिताभ बच्चन ने उनके लिए खास मैसेज भेजा था. कॉमेडियन बिग बी को बहुत मानते थे. राजू के भाई दीपू ने कहा कि बच्चन उनके लिए “भगवान” थे.

इस वजह से मुंबई आए थे राजू श्रीवास्तव

अमिताभ बच्चन की वजह से ही राजू श्रीवास्तव मुंबई आए, हास्य कला की दुनिया में खुद को स्थापित किया और उनका हस्ताक्षर आज भी श्रीवास्तव के घर में संजोकर रखा गया है. साल 1982 में जब “कुली” फिल्म की शूटिंग के दौरान बच्चन को भीषण चोट लगी तब महज 18 वर्ष की आयु में श्रीवास्तव मुंबई पहुंच गए. वह बच्चन की एक झलक पाना चाहते थे. श्रीवास्तव को बच्चन की झलक देखने को नहीं मिली तो वह ब्रीच कैंडी अस्पताल में ताक लगाए बैठी भीड़ में शामिल हो गए, जहां बच्चन भर्ती थे.

राजू श्रीवास्तव के भाई ने कही ये बात

राजू श्रीवास्तव के भाई दीपू ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “राजू भाई रोजाना अस्पताल के बाहर खड़े हो जाते और बच्चन जी के लिए कामना करते. वह अमिताभ बच्चन जी को देखने आए थे क्योंकि वह उन्हें भगवान मानते थे.” बच्चन ठीक होकर सेट पर लौट गए और श्रीवास्तव ने यहीं रहकर मनोरंजन उद्योग में करियर बनाने का फैसला किया, जिसने उनका जीवन बदल दिया.

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वह दादर स्टेशन के पुल और पार्कों…

दीपू ने कहा, “वह दादर स्टेशन के पुल और पार्कों में सोते थे और झोपड़पट्टी में रहते थे. वह शहर में होने वाले कॉमेडी शो के बारे में पता लगाने के लिए अखबारों के विज्ञापन खंगालते थे.” दीपू ने अपने बचपन के वर्षों को याद करते हुए कहा कि राजू श्रीवास्तव बच्चन की एक भी फिल्म नहीं छोड़ते थे और फिल्म देखने के लिए स्कूल से भाग जाया करते थे.

कानपुर में जब भी किसी बारात में अमिताभ बच्चन…

दीपू ने बताया, “हमारी मां कई बार इसके लिए उनकी पिटाई कर चुकी थीं. स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वह उनकी (बच्चन की) नकल उतारते थे. कानपुर में जब भी किसी बारात में अमिताभ बच्चन के गाने बजते थे, तो वह नाचने लगते थे.” दीपू ने कहा यह शायद उनकी नियति थी कि उन्हें एक कॉमेडी शो में अपने पसंदीदा अभिनेता की नकल उतारने का काम मिल गया.

इस तरह मिला राजू को काम

मुंबई में हुए ऐसे ही एक शो में टी-सीरीज के गुलशन कुमार मौजूद थे. उन्होंने कहा, “भाई की कॉमेडी देखने के बाद, गुलशन कुमार ने उन्हें ऑडियो कैसेट शो ‘हसना मना है’ की पेशकश की. उन्होंने टी-सीरीज और वीनस जैसे लेबल के लिए ऐसे लगभग 25 से 30 शो किए.” बाद के वर्षों में भी श्रीवास्तव का बच्चन के प्रति यह लगाव बरकरार रहा. दीपू ने बताया कि श्रीवास्तव के घर में आज भी एक तय जगह पर बच्चन का हस्ताक्षर संजोकर रखा हुआ है. उन्होंने कहा, “राजू भाई किसी भी शो के लिए जाने से पहले उनसे आशीर्वाद लेते थे.”(भाषा इनपुट के साथ)

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By Divya keshri

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