Priyadarshan On Hera Pheri 3: अगर आपसे पूछा जाए कि बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक कॉमेडी फिल्मों में से एक कौन सी है, तो ‘हेरा फेरी’ का नाम शायद बिना सोचे मुंह से निकल जाएगा. राजू, श्याम और बाबूराव की तिकड़ी ने ऐसा जादू चलाया था कि फिल्म के डायलॉग आज भी मीम्स और सोशल मीडिया पर घूमते रहते हैं. अब इतने साल बाद ‘हेरा फेरी 3’ की चर्चा हो रही है, तो फैंस का एक्साइटमेंट भी समझ आता है.
लेकिन इस पूरी कहानी में एक ट्विस्ट है. जिस डायरेक्टर ने पहली ‘हेरा फेरी’ को इतना यादगार बनाया, वही प्रियदर्शन इसके तीसरे पार्ट को डायरेक्ट नहीं कर रहे हैं. अब उन्होंने खुद बताया है कि आखिर वह सीक्वल से दूर क्यों रहते हैं और ‘हेरा फेरी’ को लेकर उनकी सोच क्या है.
अपनी फिल्मों के सीक्वल क्यों नहीं बनाते प्रियदर्शन?
Zoom को दिए एक इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने साफ कहा कि वह अपनी फिल्मों के सीक्वल खुद डायरेक्ट करने में विश्वास नहीं रखते. उनके मुताबिक, उनकी फिल्मों के सीक्वल दूसरे लोग बनाते रहे हैं, लेकिन उन्होंने खुद अपनी किसी फिल्म का सीक्वल बनाने की जिम्मेदारी नहीं ली.
‘हेरा फेरी’ को लेकर उनका मानना है कि पहली फिल्म ने जो कमाल किया, उसे दोबारा उसी तरह बनाना बहुत मुश्किल है.
उन्होंने कहा, “हेरा फेरी पैदा हुई, दूसरा बीमार पड़ गया और तीसरा मर सकता है.”
प्रियदर्शन बोले- पहली फिल्म में ही लिमिट पूरी हो गई थी
प्रियदर्शन ने आगे कहा कि उनके हिसाब से ‘हेरा फेरी’ की कहानी पहली फिल्म में ही अपनी लिमिट तक पहुंच गई थी. यानी उन्हें लगता है कि पहली फिल्म को जिस जगह खत्म किया गया, वहीं उसकी सबसे अच्छी जगह थी.
उन्होंने कहा कि अब फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाने की कोशिश कहीं न कहीं सिर्फ उसके नाम और पॉपुलैरिटी का फायदा उठाने जैसी लग सकती है. उनके शब्दों में,
“आप फ्रेंचाइजी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.”
सीक्वल से सबसे बड़ी परेशानी क्या है?
अब यहां प्रियदर्शन की बात और भी दिलचस्प हो जाती है. उन्होंने बताया कि सीक्वल के साथ सबसे बड़ी दिक्कत दर्शकों की उम्मीदें होती हैं.
मान लीजिए किसी फिल्म ने लोगों को खूब हंसाया और वह कल्ट बन गई. इसके बाद जब उसका दूसरा या तीसरा पार्ट आता है, तो लोग पहले पार्ट से उसकी तुलना करने लगते हैं. हर सीन, हर मजाक और हर किरदार को पुराने पार्ट से मिलाया जाता है.
प्रियदर्शन के मुताबिक, जैसे-जैसे फिल्म की पॉपुलैरिटी बढ़ती है, वैसे-वैसे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ती जाती हैं. फिर मेकर्स चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, दर्शकों को लगता है कि पहले जैसा मजा नहीं आया. यही चीज उन्हें सीक्वल को लेकर परेशान करती है.
‘वही मैजिक दोबारा नहीं आ सकता’- प्रियदर्शन
प्रियदर्शन ने अपनी बात समझाते हुए कहा कि किसी फिल्म की सफलता के पीछे सिर्फ कहानी या एक्टर्स नहीं होते. उस समय का माहौल, दर्शकों का मूड और फिल्म देखने का एक्सपीरियंस भी उसमें शामिल होता है.
उनका मानना है कि उस खास जादू को दोबारा बिल्कुल उसी तरह बनाना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि लोगों की उम्मीदें इतनी ज्यादा हो जाती हैं कि आप कुछ भी कर लें, वे पूरी तरह खुश या संतुष्ट नहीं होते.
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प्रियदर्शन बोले- ‘इसे ओरिजिनल ही रहने दो’
प्रियदर्शन ने ‘हेरा फेरी’ को कल्ट फिल्म बताया और कहा कि इसे उसी तरह रहने देना चाहिए.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “इसे ओरिजिनल ही रहने दो.”
उनकी बात का मतलब यही है कि ‘हेरा फेरी’ को एक ऐसी फिल्म के तौर पर याद किया जाए, जिसने अपने समय में लोगों को खूब हंसाया और अपनी अलग जगह बनाई. सिर्फ इसलिए कि फिल्म बहुत फेमस है, उसका बार-बार नया पार्ट बनाना जरूरी नहीं है.
