हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है. मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अब इस दुनिया में नहीं रहे. उन्होंने मुंबई के नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली. पिछले चार महीनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और वह लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे.
पहलाज निहलानी का हुआ निधन
विक्की ललवानी के अनुसार पहलाज निहलानी का इलाज वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जयंत बर्वे की देखरेख में चल रहा था. बीते लगभग एक उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा था. परिवार वाले उनके स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन आखिरकार उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.
फिल्म हथकड़ी से की थी शुरुआत
पहलाज निहलानी ने बतौर निर्माता अपने करियर की शुरुआत साल 1982 में फिल्म “हथकड़ी” से की थी. इसके बाद उन्होंने कई हिट और पॉपुलर फिल्मों का निर्माण किया. 1985 में आई “आंधी-तूफान” ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई. साल 1986 में रिलीज हुई “इल्जाम” खास रही क्योंकि इसी फिल्म से अभिनेता गोविंदा ने बॉलीवुड में कदम रखा था.
इन फिल्मों ने भी दिलाई पहचान
1987 में आई “आग ही आग” भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही. इस फिल्म के जरिए अभिनेता चंकी पांडे ने हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने “गुनाहों का फैसला”, “पाप की दुनिया”, “मिट्टी और सोना” और “आग का गोला” जैसी कई फिल्मों का निर्माण किया. 1990 और 1991 के दशक में भी उन्होंने लगातार फिल्में बनाईं और दर्शकों का मनोरंजन किया. उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में “शोला और शबनम” और “आंखें” हैं.
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