Pahlaj Nihalani Died: नहीं रहे पहलाज निहलानी, इन पॉपुलर फिल्मों ने दिलाई थी पहचान

फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. खबरों के मुताबिक, वे कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी. उन्होंने आंखें, अंदाज, तलाश, रंगीला राजा और जूली 2 सहित कई बॉलीवुड फिल्मों का समर्थन किया था.

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है. मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अब इस दुनिया में नहीं रहे. उन्होंने मुंबई के नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली. पिछले चार महीनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और वह लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे.

पहलाज निहलानी का हुआ निधन

विक्की ललवानी के अनुसार पहलाज निहलानी का इलाज वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जयंत बर्वे की देखरेख में चल रहा था. बीते लगभग एक उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा था. परिवार वाले उनके स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन आखिरकार उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.

फिल्म हथकड़ी से की थी शुरुआत

पहलाज निहलानी ने बतौर निर्माता अपने करियर की शुरुआत साल 1982 में फिल्म “हथकड़ी” से की थी. इसके बाद उन्होंने कई हिट और पॉपुलर फिल्मों का निर्माण किया. 1985 में आई “आंधी-तूफान” ने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई. साल 1986 में रिलीज हुई “इल्जाम” खास रही क्योंकि इसी फिल्म से अभिनेता गोविंदा ने बॉलीवुड में कदम रखा था.

इन फिल्मों ने भी दिलाई पहचान

1987 में आई “आग ही आग” भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही. इस फिल्म के जरिए अभिनेता चंकी पांडे ने हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने “गुनाहों का फैसला”, “पाप की दुनिया”, “मिट्टी और सोना” और “आग का गोला” जैसी कई फिल्मों का निर्माण किया. 1990 और 1991 के दशक में भी उन्होंने लगातार फिल्में बनाईं और दर्शकों का मनोरंजन किया. उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में “शोला और शबनम” और “आंखें” हैं.

यह भी पढ़ें- Peddi Twitter Review: राम चरण की ‘पेड्डी’ दर्शकों को पसंद आई या नहीं? सामने आए रिव्यू

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >