क्या सुपरस्टार्स को असफलता के दौर से उबरने के लिए एक ब्रेक लेना जरूरी होता है?

एक अभिनेता के लिए दशकों तक प्रासंगिक बने रहने की रणनीति कहें या फॉर्मूला, अभिनय सम्राट दिलीप कुमार ने ही ईजाद किया था. ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार ने अपने पांच दशक के करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं.

साल 2018 में ‘जीरो’ की असफलता के बाद बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान ने फिल्मों से ब्रेक ले लिया था. अब वे नये साल में फिल्म ‘पठान’ से रुपहले परदे पर वापसी करने जा रहे हैं. आमिर खान की पिछली फिल्में ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ और ‘लाल सिंह चड्ढा’ का हश्र किसी से छिपा नहीं है. शायद इसीलिए उन्होंने भी कुछ समय के लिए फिल्मों से ब्रेक लेने की बात कही है. क्या सुपरस्टार्स को असफलता के दौर से उबरने के लिए एक ब्रेक लेना जरूरी होता है? इसी की पड़ताल करता उर्मिला कोरी की रिपोर्ट.

दिलीप कुमार ने फिल्मों से लिया था ब्रेक

एक अभिनेता के लिए दशकों तक प्रासंगिक बने रहने की रणनीति कहें या फॉर्मूला, अभिनय सम्राट दिलीप कुमार ने ही ईजाद किया था. ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार ने अपने पांच दशक के करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं. एक दौर ऐसा भी था, जब वह जबरदस्त असफलता से जूझे थे. 70 के दशक में दास्तान, सगीना और बैराग्य जैसी उनकी एक के बाद एक फिल्में टिकट खिड़की पर असफल हुई थीं. इसके बाद दिलीप कुमार ने 1976 में फिल्मों से ब्रेक ले लिया था.

साल 1981 में दिलीप कुमार की वापसी

पांच वर्षों के बाद 1981 में उन्होंने फिल्म क्रांति से जबरदस्त वापसी की थी. उस वक्त दिलीप कुमार के कई समकालीन अभिनेता या तो समय के साथ फीके पड़ चुके थे या उस फॉर्मूले पर टिके हुए थे जो कभी उनके लिए काम करता था. लेकिन दिलीप कुमार ने समय के बदलाव को समझते हुए एक अभिनेता के तौर पर खुद को रीइन्वेंट किया. अपने करियर की इस सेकेंड इनिंग में उन्होंने उम्र के अनुरूप किरदार निभाये, लेकिन उसमें भी उन्होंने जबरदस्त छाप छोड़ी, क्योंकि कहानी की अहम धुरी वही होते थे. उस दौर में शक्ति, विधाता, कर्मा, मशाल, सौदागर आदि जबरदस्त फिल्में उन्होंने दीं.

Also Read: Bhediya BO Collection Day 2: वरुण धवन-कृति सेनन को मिला वीकेंड का फायदा, ‘भेड़िया’ का इतना बढ़ा कलेक्शन
अमिताभ बच्चन के लिए ब्रेक लेना साबित हुआ था गलत फैसला

अमिताभ बच्चन ने 1992 में फिल्म खुदा गवाह की असफलता के बाद ब्रेक ले लिया था. बिग बी का यह ब्रेक पांच वर्षों तक चला था. उसके बाद उन्होंने 1997 में फिल्म मृत्युदाता से वापसी की थी. गौरतलब है कि बिग बी के लिए यह ब्रेक का फैसला बुरा साबित हुआ था. यह बात उन्होंने खुद अभिनेता अनिल कपूर को बतायी थी. अनिल कपूर ने अपने इंटरव्यू में इस बात का खुलासा करते हुए बताया था कि अमित जी ब्रेक के दौरान न्यूयॉर्क में रह रहे थे. उस दौरान मैं अपनी फिल्म अरमान की शूटिंग के लिए वहां गया हुआ था. इंडस्ट्री में मुझे काम करते हुए 25 साल तब हो चुके थे. मैं उनसे मिला और उनसे कहा कि मुझे लगता है मैं भी थोड़े समय के लिए ब्रेक ले लूं. तब उन्होंने कहा कि मेरी गलती को कभी मत दोहराना. कभी भी एक्टिंग से ब्रेक नहीं लेना. यही वजह है कि अनिल कपूर ने कभी एक्टिंग से ब्रेक नहीं लिया. खास बात है कि बिग बी ने जब ब्रेक के बाद वापसी की, तो एक के बाद एक उनकी फिल्में असफल हुई थीं. हिट के लिए उन्हें वर्ष 2000 में रिलीज हुई ‘मोहब्बतें’ की रिलीज का इंतजार करना पड़ा था.

अक्षय भी जा सकते
हैं ब्रेक पर!

आमिर खान द्वारा ब्रेक लेने की घोषणा के अभी कुछ ही दिन बीते हैं कि इंडस्ट्री में चर्चा होने लगी कि अक्षय कुमार भी ब्रेक पर जा सकते हैं. अक्षय की एक के बाद एक फिल्मों की नाकामयाबी किसी से छिपी नहीं है. हालांकि, इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोगों की मानें, तो अक्षय 2023 में रिलीज होने वाली अपनी फिल्मों के बाद यह फैसला कर सकते हैं. 2023 में अक्षय की सेल्फी, बड़े मियां छोटे मियां, ओएमजी 2 और गोरखा सिनेमाघरों में होगी.

अच्छी स्क्रिप्ट ही नहीं, फीस भी है खास वजह

लगातार फिल्मों के फ्लॉप हो जाने के बाद मेकर्स सुपरस्टार्स को फिल्मों के लिए अप्रोच करने में हिचकने लगते हैं. इसकी बड़ी वजह उनकी फीस होती है. हालिया उदाहरण की बात करें, तो फिल्म हेरा फेरी की अगली फ्रेंचाइजी के लिए मेकर्स ने अक्षय की जगह कार्तिक आर्यन को चुना था. इसकी बड़ी वजह 126 करोड़ की फीस है, जो अक्षय को देनी पड़ती. इसे लेकर चर्चा भले यह रही कि अक्षय को फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद नहीं आयी, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े सूत्र की मानें, तो अक्षय को यह फिल्म कभी ऑफर ही नहीं हुई थी. अक्षय ने खुद सामने से इस फिल्म के मेकर्स को अप्रोच किया था, क्योंकि वे सभी अक्षय के परिचित रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: कोरी

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >