गहरे अर्थ वाले फलसफे से खुद को व्यक्त करते थे सुशांत, अमिताभ बच्चन ने पूछा आखिर क्यों

सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर शोक जताते हुए महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा कि जब भी उनसे संवाद होता तो लगता था कि अभिनेता के अंतर्मन में ऐसी कोई बात जरूर है जो अनकही है. मुंबई में रविवार को 34 वर्षीय अभिनेता अपने अपार्टमेंट में फांसी पर लटके मिले थे.

मुंबई : सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर शोक जताते हुए महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा कि जब भी उनसे संवाद होता तो लगता था कि अभिनेता के अंतर्मन में ऐसी कोई बात जरूर है जो अनकही है. मुंबई में रविवार को 34 वर्षीय अभिनेता अपने अपार्टमेंट में फांसी पर लटके मिले थे.

सुशांत को प्रतिभावान बताते हुए उनकी याद में लिखी एक भावुक पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने कई बार ‘क्यों’ का प्रयोग किया है. टिवटर पर लिखी इस पोस्ट में अमिताभ ने कहा. क्यों, क्यों, क्यों, क्यों सुशांत सिंह राजपूत तुमने अपना जीवन खत्म कर लिया…आप बेहद प्रतिभावान थे…बिना कुछ पूछे जाने आप चले गए…क्यों… बच्चन ने लिखा, “उनका काम शानदार था और दिमाग उससे भी बेहतरीन था. वह कई बार गहरे अर्थों वाले फलसफे से खुद को व्यक्त करते थे.

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लोग उनकी इस गहराई से या तो अचंभित हो जाया करते थे या फिर बेपरवाही से उसका अर्थ नहीं समझ पाते थे. कुछ ताज्जुब किया करते थे तो कुछ आई-गई बात समझकर टाल दिया करते थे. कुछ के लिए ये हल्की-फुल्की बात से ज्यादा और कुछ नहीं थी. क्योंकि इसे समझने के लिए उन्हें अपने अंत:मन के चक्षु खोलने पड़ जाते.” फिल्म ‘एम.एस. धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी’ में सुशांत ने बेहतरीन अदाकारी से लोगों का दिल जीता. अपने ब्लॉग में उन्होंने इस फिल्म का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा,”मैंने ‘धोनी’ में उनका पूरा काम देखा.

फिल्म उनके यादगार काम को सहेजे हुए है.” उन्होंने कहा, “पर्दे पर उनकी मौजूदगी सबकुछ कह जाती थी.” बिग बी ने लिखा “जब भी उनसे बात होती थी तो लगता था कि अंतर्मन की गहराई से जुड़ी ऐसी कोई बात जरूर है जो अनकही है, और फिर भी उस बात को कह तो दिया ही गया है. इस तरह की अभिव्यक्ति तेज दिमाग की ही परिचायक होती है, और ऐसी विलक्षण प्रतिभा जब मुख्य मार्ग से भटकती है तो वो अवसाद, अनिच्छा और निराशा से गुजर कर किसी दुखांत तक ही पहुंचती है’.”

बिग बी ने लिखा,“ वह कोरियोग्राफर श्यामक डावर के शो में डांसरों के ग्रुप में चौथी पंक्ति का हिस्सा हुआ करते थे. वहां से उठकर, आज वे जहां थे वहां तक पहुंचना अपने आपमें एक कहानी है. अधिकता अक्सर हमें चरम पर पहुंचा देती है. कैसी मनोस्थिति किसी इंसान को आत्महत्या करने पर मजबूर कर देती है, यह एक रहस्य है. एक सफल जीवन को खत्म करने की अनुमति नहीं है

Posted By- Pankaj Kumar Pathak

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