युवाओं को प्रेरित करेगी ''मांझी''

फिल्‍मकार केतन मेहता की आगामी फिल्म ‘मांझी-द माउंटेन मैन’ में दशरथ मांझी की शीर्षक भूमिका निभा रहे अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी चाहते हैं कि इस फिल्म से हर कोई दशरथ मांझी की प्रेरित करने वाली कहानी जाने. उनक कहना है कि सबकी कहानी युवाओं को प्रेरित करनेवाली है. हाल ही में नवाजुद्दीन, केतन और राधिका आप्टे […]

फिल्‍मकार केतन मेहता की आगामी फिल्म ‘मांझी-द माउंटेन मैन’ में दशरथ मांझी की शीर्षक भूमिका निभा रहे अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी चाहते हैं कि इस फिल्म से हर कोई दशरथ मांझी की प्रेरित करने वाली कहानी जाने. उनक कहना है कि सबकी कहानी युवाओं को प्रेरित करनेवाली है.

हाल ही में नवाजुद्दीन, केतन और राधिका आप्टे समेत फिल्म की टीम मांझी की पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने उनके मूल गांव गहलौर पहुंचे थे. मांझी की पत्नी की चिकित्सा मदद के अभाव में मौत हो गयी थी जिसके बाद उन्होंने अपने गांव से पास के अस्पतालों की दूरी कम करने के लिए एक पूरे पर्वत को काटकर पथ का निर्माण किया था.

मांझी का 17 अगस्त, 2007 को निधन हो गया था. नवाजुद्दीन ने कहा कि युवाओं को उस व्यक्ति की कहानी को जानने के लिए फिल्म देखनी चाहिए जिससे अपने दृढ निश्चय से एक पर्वत को तोड दिया.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम उनके विचारों को सम्मानित करने और उनके गुणगान के लिए यहां जुटे हैं. हम चाहते हैं कि पूरा देश, खासकर युवा मांझी की कहानी जानें. यह कहानी अपने संदेश से हर किसी को प्रेरित करेगी.’ इस दौरान मांझी के बेटे भागीरथ भी वहां मौजूद थे.

व्यवसायिक व्यवहारिकता हर कलाकार के लिए जरुरी: राधिका आप्टे

बॉलीवुड अपने दस साल लंबे करियर में छोटे बडे बजट की कई फिल्मों में काम कर चुकीं अभिनेत्री राधिका आप्टे का मानना है कि हर कलाकार को अंतत: व्यवसायिक व्यवहारिकता की जरुरत होती है.

29 वर्षीया की अभिनेत्री ने 2005 में आयी फिल्म ‘वाह..लाइफ हो तो ऐसी’ से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी. इस साल आयी हिट फिल्म ‘बदलापुर’ से वह चर्चाओं में आयीं. राधिका का कहना है कि व्यवसायिक फिल्मों से कलाकारों को दर्शकों में पहुंच बनाने में आसानी होती है.

उन्होंने कहा, ‘एक व्यवसायिक फिल्म किसी दर्शक के सामने कुछ साबित करने का माध्यम नहीं होती बल्कि वह एक कलाकार के तौर पर आपकी एक निश्चित पहुंच बनाने में मदद करती है. जब तक आप यह पहुंच नहीं बनाएंगे चीजें कैसे होंगी. अंतत: यह एक आकलन है जहां आपके लिए ना केवल अपने काम में अच्छा होना जरुरी होता है बल्कि आपको फिल्मों में लेने के लिए आपकी व्यवसायिक व्यवहारिकता भी होनी चाहिए.’

अभिनेत्री ने कहा, ‘आप ऐसे ही फिल्में नहीं बना सकते, आप उनमें करोडों रपए लगाएं और बदले में कुछ ना मिले. इसलिए यह दोनों के बीच एक संतुलन है.’ इस साल वरुण धवन अभिनीत ‘बदलापुर’ और फिर एडल्ट कॉमेडी ‘हंटर’ में अपने अभिनय के लिए सराही गयी राधिका को सुजॉय घोष की शॉर्ट फिल्म ‘अहल्या’ के लिए भी लोगों की खूब प्रशंसा मिली.

राधिका की आगामी फिल्म ‘मांझी द माउंटेन मैन’ इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है.

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