हिट एंड रन मामला : मुआवजा नहीं बेटे के लिए नौकरी चाहिए...

मुम्बई : वर्ष 2002 के हिट एंड रन मामले में बॉलीवुड स्टार सलमान खान को पांच साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद इस दुर्घटना के पीडितों ने कहा कि (उनके लिए) दोषसिद्धि से ज्यादा मुआवजा मायने रखता है. इस हादसे में अपना पैर गंवा चुके अब्दुल्ला रउफ शेख ने कहा,’ पिछले 13 […]

मुम्बई : वर्ष 2002 के हिट एंड रन मामले में बॉलीवुड स्टार सलमान खान को पांच साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद इस दुर्घटना के पीडितों ने कहा कि (उनके लिए) दोषसिद्धि से ज्यादा मुआवजा मायने रखता है.

इस हादसे में अपना पैर गंवा चुके अब्दुल्ला रउफ शेख ने कहा,’ पिछले 13 साल में कोई मुझसे मिलने नहीं आया. मैं अपना परिवार चलाने के लिए छोटे मोटे काम करने को बाध्य हूं और ढेर सारी मुसीबतों का सामना करता हूं.’ उन्होंने कहा,’ हालांकि मेरे मन में उनके (सलमान) प्रति कोई कठोर भावना नहीं है. मैं अब भी उनकी फिल्में देखता हूं.’

उन्होंने कहा कि उन पर किसी ने कोई दबाव नहीं डाला. शेख ने कहा,’ दोषसिद्धि से ज्यादा मुआवजा मायने करता है. मेरे स्वास्थ्य और काम पर असर पडा.’ उन्होंने कहा, ‘ यदि सलमान को सजा मिलती है, तो मुझे किसी तरह का लाभ नहीं होगा, क्योंकि न तो मेरे पैर ठीक हो जाएंगे और न ही मेरी मुसीबतें खत्म हो जाएंगी. बजाय इसके , यदि वे मुझे मुआवजा देते हैं तब हमें कोई दिक्कत नहीं होगी.’

उन्होंने कहा कि जब इस घटना में उनकी टांग चली गयी तब वह 22 साल के थे. इस घटना में नुरुल्ला महबूब शरीफ की मौत हो गयी थी. उनकी विधवा ने कहा, ‘हमें बताया गया था कि हमें 10 लाख रुपए मुआवजा मिलेंगे लेकिन हम महंगाई के इस दौर में इस रकम का क्या करेंगे.’ उन्होंने कहा कि यदि उनके बेटे को नौकरी मिलती है तो उन्हें लाभ होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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