B”Day Special: क्‍यों यश चोपड़ा की फिल्‍म ठुकरा दी थी पूनम ढिल्‍लो ने…

बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री पूनम ढिल्‍लो को कैसे कोई ना याद करता करे. फेमिना मिस इंडिया (1978) का खिताब जीत चुकी पूनम ढिल्‍लो का भी सपना भी एक आम लड़की की ही तरह डाक्‍टर बनने का था. लेकिन शायद शोहरत और कामयाबी उनका फिल्‍मी दुनिया में इंतजार कर रही थी. पूनम ने करीब 90 बॉलीवुड […]

बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री पूनम ढिल्‍लो को कैसे कोई ना याद करता करे. फेमिना मिस इंडिया (1978) का खिताब जीत चुकी पूनम ढिल्‍लो का भी सपना भी एक आम लड़की की ही तरह डाक्‍टर बनने का था. लेकिन शायद शोहरत और कामयाबी उनका फिल्‍मी दुनिया में इंतजार कर रही थी. पूनम ने करीब 90 बॉलीवुड फिल्‍मों में काम किया. इस दौरान उन्‍होंने सफलता की कई बुलंदियों को छुआ. आज पूनम ढिल्लोन का 53वां जन्‍मदिन हैं. उन्‍हें उनके जन्‍मदिन की ढेर सारी बधाई. जानते हैं पूनम की जिंदगी के कुछ यादगार पलों के बारे में.
यश चोपड़ा ने ऑफर की थी पहली फिल्‍म
यू तो बॉलीवुड सितारों का फिल्‍मी दुनिया में इंट्री करते वक्‍त सपना होता है कि उनकी पहली फिल्म बड़े निर्देशकों के साथ हो. लेकिन ऐसा कम ही हो पाता है कि उनका सपना पूरा होता हो. महज 16 साल की उम्र में कॉलेज में पढ़ते वक्‍त पूनम को फिल्‍म ‘त्रिशूल’ के लिए यश चोपड़ा ने ऑफर किया था. पढ़ाई-लिखाई में मशगूल पूनम को यह ऑफर उनकी पढ़सई के सामन समय की बर्बादी की तरह लगा और झट से उन्‍होंने फिल्म करने से इनकार कर दिया.
लेकिन एक फैमिली फ्रैंड बलवंत गार्गी के द्वारा बहुत समझाने-बुझाने पर पूनम ने इस फिल्‍म के लिए हां तो कर दी लेकिन उनकी शर्त थी कि फिल्‍म उनकी छुट्टियों में ही शूट हो.और ऐसा ही हुआ. 16 साल की उम्र में पूनम ने आनी पहली फिल्‍म 1978 में ‘त्रिशूल’ की. इस फिल्‍म में उनके ऑपोजिट सचिन पिलगांवकर थे.
‘नूरी’ के लिए मिला फिल्मफेयर का बेस्‍ट एक्‍ट्रेस अवार्ड
1979 में यश चोपड़ा ने पूनमकोअबपनी अगली फिल्‍म ‘नूरी’ मेंलीड रोल के लिए काम करने का ऑफर दिया. इस फिल्‍म में पूनम ढिल्‍लोन के ऑपोजिट फारुख शेख ने काम किया था. फिल्म में पूनम के अभिनय को दशर्कों खूब सराहा. फिलम का गाना ‘आजा रे ओ मेरे दिलबर आ जा’ आज भी लोगों की जुबान पर है. इस फिल्‍म ने पूनम को बॉलवुड में अलग पहचान दी. इसके लिए उन्‍हें 1980 में सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेत्री के लिए फिल्‍मफेयर अवार्ड से नवाजा गया.
डॉक्‍टर बनने का था सपना
पूनम ढिल्लोन साइंस की छात्रा थीं. फिजिक्‍स कैमिस्‍ट्री और बायलोजी से लगाव रखने वाली पूनम का सपना एकसमय डॉक्‍टर बनने का था. लेकिन पूनम के बड़े भाई ने उन्‍हें इस क्षेत्र में जाने से मना कर दिया और वह अपने दूसरे सपने भारतीय विदेश सेवा में जाने के लिये तैयारी कर दीं. लेकिन उसी दौरान यश चोपडा ने उन्‍हें फिल्‍म ‘नूरी’ ऑफर किया और उन्‍हें भारतीय फिल्‍मों में नयी पहचान मि‍ली.
राजेश खन्ना के साथ की बेहतरीन फिल्‍में
पूनम ढिल्‍लो ने बॉलीवुड के 70 के दशक के सुपरहिट अभिनेता राजेश खन्‍ना के साथ कई बेहतरीन फिल्‍में की. इसमें रेड रोज, निशाना, दर्द, जमाना , आवाम और जय शिव शंकर रही. इसके अलावा पूनम ने टेलीविजन में भी अपना करियर बनाया. पूनम बिगबॉस के सीजन 3 में बतौर जज शो में आयीं.
वर्ष 1988 में फिल्‍म निर्देशक अशोक ठकारिया के साथ विवाह रचाने के बाद पूनम ने फिल्‍मों से दूरी बना ली. उनके दो बच्‍चे हैं. 1997 में फिल्म जुदाई से उन्‍होंने अपने करियर की दूसरी पारी शुरू की. इस फिल्‍में उन्‍होंने कैमियो रोल किया था. हाल में पूनम ढिल्‍लोन सोनी टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘एक नयी पहचान’ में नजर आयीं. इस सिरियल में उन्‍होंने एक अनपढ़ घरेलू महिला की भूमिया निभाई.

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