सुपरहिट फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ को रिलीज हुए 25 साल पूरे हो चुके हैं. इस मौके पर अमीषा पटेल ने फिल्म से जुड़ी अपनी यादें शेयर की. उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें सकीना का किरदार मिला और इस फिल्म ने उनकी जिंदगी बदल दी.
सकीना बनने से पहले अमीषा के मन में थे कई सवाल
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में अमीषा पटेल ने बताया कि जब उन्हें फिल्म में सनी देओल के अपोजिट कास्ट किया जा रहा था, तो शुरुआत में वह इस फैसले को लेकर श्योर नहीं थी. अमीषा के अनुसार, “मेरे मन में सबसे पहला सवाल यही था कि क्या मैं इस फिल्म के लिए बहुत छोटी नहीं हूं? मेरे साथ रोमांटिक रोल करने वाले हीरो मुझसे काफी सीनियर थे.” उन्होंने आगे बताया कि जब उन्हें कहानी समझाई गई, तो उन्होंने किरदार को बेहतर तरीके से समझा. एक्ट्रेस ने कहा, “तब मुझे तारा सिंह की सख्ती और सकीना की नजाकत का फर्क समझ आया.”
500 से ज्यादा ऑडिशन के बाद मिला था सकीना का किरदार
अमीषा पटेल ने खुलासा किया कि सकीना के रोल के लिए लगभग 500 से अधिक लड़कियों ने ऑडिशन दिया था. कड़ी कंपीटशन के बाद उन्हें यह किरदार मिला. अमीषा ने बताया, “हम मस्जिदों में गए, नमाज को देखा, ब्रिटिश राज के बारे में पढ़ा और उस समय की संस्कृति को समझा. निर्देशक अनिल शर्मा जी ने मुझे सकीना के किरदार को गहराई से समझने में मदद की.”
‘गदर’ की सफलता
अमीषा पटेल ने कहा कि ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की सफलता का क्रेडिट पूरी तरह दर्शकों को जाता है. उन्होंने बताया कि ‘गदर’ और ‘गदर 2’ की कुल दर्शक संख्या कई नई फ्रेंचाइजी से भी ज्यादा रही है. उनके अनुसार फिल्म की असली ताकत इसकी प्रेम कहानी है. अमीषा ने कहा, “तारा और साकीना मिलकर ही गदर बनते हैं. अगर इनमें से एक भी हट जाए तो कहानी अधूरी रह जाती है.”
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