मुंबई : फिल्मों में अपने खास स्टाइल के लिए पहजाने जानेवाले निर्माता- निर्देशक फिरोज खान का तेवर भी बहुत जुदा था. यह उनकी शुरुआती फिल्मों से ही पता चल गया था.
मौका था फिल्म ‘ऊंचे लोग’ की शूटिंग का. उसमें उनके सह-कलाकार अशोक कुमार और राजकुमार थे. शूटिंग के पहले ही दिन उनकी मुलाकात जब राजकुमार से सेट पर हुई, तो राजकुमार उनको डायलॉग बोलने के तरीके सिखाने लगे. कुछ समय के बाद फिरोज ने बड़े ही नम्र तरीके से उनसे कहा- राज जी, आप अपना काम कीजिए और मैं अपना काम करूंगा. अगर जरूरत होगी तो मैं आपकी मदद ले लूंगा. उस जमाने में राजकुमार से ऐसे बात करना अपने आप में सामनेवाली की हिम्मत की बखान करता है.
बहुत कम लोग जानते हैं कि सत्तर के दशक में फिरोज खान को अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के तीन मौके मिले थे और उन तीनों को ही उन्होंने ठुकरा दिया. उनमें से एक फिल्म थी- हेराफेरी, जिसमें फिरोज खान का रोल बाद में उनके जिगरी दोस्त विनोद खन्ना ने किया था.
