मुंबई : लता मंगेशकर कैरियर के शुरुआती वर्षों में सहगल की तरह गाने की कोशिश करती थीं. वह अपने पिता के साथ सहगल के गाने गाती थीं. सहगल की वे ऐसी दीवानी थीं कि उनसे शादी करने के सपने देखती थीं. लता ने एक बार बताया था- “जितना मुझे याद आता है, मैं हमेशा से केएल सहगल से मिलना चाहती थी. बचपन में कहा करती थी- जब मैं बड़ी हो जाऊंगी, तो उनसे ही शादी करूंगी.
सहगल साहब के लिए किशोर और लता में थी ऐसी दीवानगी
मुंबई : लता मंगेशकर कैरियर के शुरुआती वर्षों में सहगल की तरह गाने की कोशिश करती थीं. वह अपने पिता के साथ सहगल के गाने गाती थीं. सहगल की वे ऐसी दीवानी थीं कि उनसे शादी करने के सपने देखती थीं. लता ने एक बार बताया था- “जितना मुझे याद आता है, मैं हमेशा से […]

तब मेरे बाबा मुझे समझाते थे कि जब तुम शादी करने जितनी बड़ी हो जाओगी, तो सहगल साहब शादी की उम्र पार कर चुके होंगे.” लता को यह अफसोस हमेशा रहा कि वह जीवन में कभी सहगल से नहीं मिल पायीं, मगर परोक्ष रूप से उन्हें म्यूजिक गुरु मानती रहीं. हिंदी सिनेमा के लीजेंडरी सिंगर-एक्टर किशोर कुमार भी सहगल के बड़े प्रशंसक थे. वह पहले-पहल बंबई आये ही इसलिए कि बस एक बार सहगल साहब से मिल सकें.
1932 से 1946 के दौर को सहगल एरा कहा जाता है. उनका करियर भले छोटा रहा, लेकिन उनकी आवाज और संगीत को भुला पाना असंभव है.