किसी फिल्म को मनोरंजक बनाने का शॉर्टकट बन गया है द्विअर्थी भाषा का प्रयोग : अनीस बज्मी

‘नो एंट्री’ और ‘वेलकम’ जैसी जबर्दस्त मनोरंजक फिल्मों के लिए प्रसिद्ध निर्माता अनीस बज्मी ने बृहस्पतिवार को कहा कि द्विअर्थी भाषा और संवाद किसी फिल्म को मनोरंजक बनाने का शॉर्टकट बन गए हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि वह अपनी फिल्मों में ऐसे संवादों का इस्तेमाल नहीं करते क्योंकि वे पारिवारिक फिल्में बनाते हैं. बज्मी ने […]

‘नो एंट्री’ और ‘वेलकम’ जैसी जबर्दस्त मनोरंजक फिल्मों के लिए प्रसिद्ध निर्माता अनीस बज्मी ने बृहस्पतिवार को कहा कि द्विअर्थी भाषा और संवाद किसी फिल्म को मनोरंजक बनाने का शॉर्टकट बन गए हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि वह अपनी फिल्मों में ऐसे संवादों का इस्तेमाल नहीं करते क्योंकि वे पारिवारिक फिल्में बनाते हैं.

बज्मी ने अपनी आगामी फिल्म ‘पागलपंती’ के प्रचार कार्यक्रम में कहा, “मैं अपनी फिल्मों में दोहरे अर्थों वाले संवाद नहीं लिखता. साथ ही मुझे उनसे भी कोई दिक्कत नहीं है जो अपनी फिल्मों में इसका प्रयोग करते हैं.’

उन्‍होंने आगे कहा,’ मेरा मानना है कि आपका दिमाग कलात्मक है, अगर आप में लिखने का कौशल है, अगर आप कड़ी मेहनत करना चाहते हैं तो आपको ऐसे शॉर्टकट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी.’

उन्होंने कहा, “मैं अपने दिमाग में रखता हूं कि बच्चे क्या देखना चाहेंगे और क्या नहीं.” “पागलपंती” कॉमेडी फिल्म है जिसमें अनिल कपूर, जॉन इब्राहिम, अरशद वारसी, सौरभ शुक्ला, पुलकित सम्राट, इलियाना डिक्रूज, कृति खरबंदा और उर्वशी रौतेला हैं.

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