मुंबई : फिल्मकार श्रीराम राघवन का कहना है कि सबसे युवा परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता अरूण खेत्रपाल की जिंदगी पर बनने वाली फिल्म का निर्देशन करना उनके लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण विषय है. दिनेश विजान इस बायोपिक का निर्माण कर रहे है जिसका नाम अस्थायी रूप से शीर्षक ‘इक्कीस’ रखा जाएगा.
राघवन ने बताया, ‘दिनेश ने मेरे सामने इस फिल्म का प्रस्ताव रखा और जब मैंने इसे सुना तब मुझे यह रोचक लगी. ‘इक्कीस’ इसका अस्थायी शीर्षक है. हमने 1970 का सेट लगाया है. यह दो दशकों की कहानी है. हमने पटकथा समाप्त कर ली है और फिर से लिख रहे हैं.”
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास सेना से जुड़े पर्याप्त लोग हैं. इसमें चीजें आपको गलत नहीं लग सकतीं है. जब आप एक वास्तविक कहानी पर काम कर रहे होते हैं तब यह ज़िम्मेदारी होती है कि आप सब कुछ सही करें और जितना संभव हो उतना सही और प्रामाणिक रहें. यह मेरे लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि यह मेरा क्षेत्र नहीं है, मैं कुछ और कर रहा था. लेकिन मुझे कहानी पसंद आई इसलिए मैं इसे कर रहा हूं.”
