दक्षिण-भारतीय फिल्मों के कलाकार समय के अधिक पाबंद, पेशेवर : अक्षय कुमार

मुंबई: अभिनेता अक्षय कुमार का कहना है कि उन्होंने फिल्म ‘2.0′ में रजनीकांत के साथ काम कर काफी कुछ सीखा और साथ ही उन्हें इस बात का एहसास भी हुआ कि दक्षिण-भारतीय फिल्मों के कलाकार समय के पाबंद ही नहीं बल्कि काफी पेशेवर भी हैं. फिल्म में अक्षय डॉक्टर रिचर्ड का एक नकारात्मक किरदार निभाते […]

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मुंबई: अभिनेता अक्षय कुमार का कहना है कि उन्होंने फिल्म ‘2.0′ में रजनीकांत के साथ काम कर काफी कुछ सीखा और साथ ही उन्हें इस बात का एहसास भी हुआ कि दक्षिण-भारतीय फिल्मों के कलाकार समय के पाबंद ही नहीं बल्कि काफी पेशेवर भी हैं. फिल्म में अक्षय डॉक्टर रिचर्ड का एक नकारात्मक किरदार निभाते नजर आएंगे. यह फिल्म ‘रोबोट’ का सीक्वल है.

अक्षय ने कहा, ‘प्रौद्योगिकी के हिसाब से दक्षिण (भारतीय फिल्में) काफी विकसित हैं. वे हमसे कई अधिक पेशेवर हैं. अगर शूटिंग साढ़े सात बजे शुरू होनी है तो वह ठीक उसी समय शुरू हो जाएगी.’

उन्‍होंने आगे कहा,’ यहां (बॉलीवुड में) साढ़े सात का मतलब आप साढ़े नौ तक आ सकते हैं= उनके सुपरस्टार समय पर सेट पर आते हैं.’ अभिनेता का मानना है कि नए कलाकारों को बॉलीवुड में आने से पहले कम से कम पांच दक्षिण भारतीय फिल्में करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण भारत में समय की कीमत है.

अक्षय ने कहा कि रजनीकांत से पहली बार मिलते ही वह उनकी विनम्रता के कायल हो गए. उन्होंने कहा, ‘हम मराठी में ही बात करते थे. वह महाराष्ट्रियन हैं और मुझे भी वह भाषा(मराठी) आती है. वह महान व्यक्ति हैं. यह कमाल की बात है कि आप उन्हें एक डायलॉग देते हैं और वह उसे महान बना देते हैं. वह हर लाइन को मनोरंजक बना देते हैं.’ फिल्म ‘2.0′ इस गुरुवार को रिलीज होगी.

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