भीमा-कोरेगांव मामले पर ट्विंकल खन्ना का तीखा हमला, बोलीं - आजादी एक साथ नहीं छीनी जाती

भीमा-कोरेगांव मामले में पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने पांचों वामपंथी विचारकों को 6 सितंबर तक हाउस अरेस्ट में रखने के आदेश दिये हैं. इस मामले को लेकर नेताओं और अभिनेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है. बॉलीवुड की जानीमानी एक्‍ट्रेस और लेखिका […]

भीमा-कोरेगांव मामले में पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने पांचों वामपंथी विचारकों को 6 सितंबर तक हाउस अरेस्ट में रखने के आदेश दिये हैं. इस मामले को लेकर नेताओं और अभिनेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है. बॉलीवुड की जानीमानी एक्‍ट्रेस और लेखिका ट्विंकल खन्‍ना ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट करते हुए इस कदम की निंदा की है.

ट्विंकल ने लिखा,’ आज़ादी एक साथ कभी नहीं छीनी जाती है. ये एक-एक कर छीनी जाती है, एक समय पर केवल एक, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक वकील, एक लेखक और फिर एक-एक कर हम सभी.’

गौरतलब है कि कोरेगांव-भीमा, दलित इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. वहां करीब 200 साल पहले एक बड़ी लड़ाई हुई थी, जिसमें पेशवा शासकों को एक जनवरी 1818 को ब्रिटिश सेना ने हराया था. अंग्रेजों की सेना में काफी संख्या में दलित सैनिक भी शामिल थे. इस लड़ाई की वर्षगांठ मनाने के लिए हर साल पुणे में हजारों की संख्या में दलित समुदाय के लोग एकत्र होते हैं और कोरेगांव भीमा से एक युद्ध स्मारक तक मार्च करते हैं.

पूरा झगड़ा 29 दिसंबर को शुरू हुआ जब पुणे के वडू गांव में दलित जाति के गोविंद महाराज की समाधि पर हमला हुआ था. इसका आरोप मिलिंद एकबोटे के संगठन हिंदू एकता मोर्चा पर लगा और एफआईआर दर्ज हुई. 1 जनवरी को दलित समाज के लोग पुणे के भीमा कोरेगांव में शौर्य दिवस मनाने इकट्ठा हुए और इसी दौरान सवर्णों और दलितों के बीच हिंसक झड़प हुई. इस झड़प में एक शख्स की जान चली गई और फिर हिंसा बढ़ती गई.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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