डायना पेंटी को फिल्म इंडस्‍ट्री में इस बात का डर

मुंबई : अदाकारा डायना पेंटी का कहना है फिल्म जगत में भुला दिए जाने के डर के कारण उनके मन में लगातार यह द्वन्द्व चलता रहता था कि वह बड़े पर्दे पर दिखने के लिए अधिक फिल्में करें या ऐसी फिल्में करें, जिन विषयों पर वह विश्वास करती हैं. वर्ष 2010 में ‘कॉकटेल’ से अपनी […]

मुंबई : अदाकारा डायना पेंटी का कहना है फिल्म जगत में भुला दिए जाने के डर के कारण उनके मन में लगातार यह द्वन्द्व चलता रहता था कि वह बड़े पर्दे पर दिखने के लिए अधिक फिल्में करें या ऐसी फिल्में करें, जिन विषयों पर वह विश्वास करती हैं. वर्ष 2010 में ‘कॉकटेल’ से अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत करने वाली अदाकारा करीब चार साल बाद आनंद एल राय की फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी” में नजर आई थीं.

अपने बॉलीवुड करियर पर डायना ने कहा कि अपनी पहली दो फिल्मों में चार साल के अंतराल को देखते हुए उन्हें कई बार फिल्म जगत में भुला दिए जाने का डर भी सताता था.

फिल्म जगत में भुला दिए जाने के सवाल पर डायना ने कहा कि, ‘ ‘कॉकटेल’ और ‘हैप्पी भाग जाएगी’ के बीच चार साल के अंतराल के दौरान सच में मुझे ऐसा लगा था.’

उन्होंने कहा, ‘ऐसा हुआ था क्योंकि मैं फिल्में नहीं कर रही थी. लोगों को लगने लगा कि मैं कुछ और कर रही हूं और मुझे फिल्मों में रूचि नहीं है. जबकि यह सही नहीं था. लेकिन साथ ही, आप महसूस करते हैं कि ऐसा ही होता है यही मानव प्रकृति है. और यह सच है, मुझे भुला दिए जाने का डर लगता था.’

डायना ने यहां अपने करियर की धीमी रफ्तार को लेकर चिंता होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि फिल्मों को लेकर उनकी पसंद ने इसे (चिंता को) उन पर कभी हावी नहीं होने दिया. डायना की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘परमाणु : द स्टोरी ऑफ पोखरण’ को दर्शकों एवं समीक्षकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.

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