नयी दिल्ली: फिल्मकार मधुर भंडारकर ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ पाक में किये बर्ताव को लेकर गुस्से भरा ट्वीट किया है. अपने इस ट्वीट के जरिये उन्होंने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से लेकर उदारवादियों और फिल्म इंडस्ट्री के अपने साथियों तक को लपेटा है. उन्होंने उनकी खामोशी को डर पैदा करनेवाला बताया है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण के परिवार के साथ किए गए बर्ताव पर राज्यसभा और लोकसभा में बयान दिया. विदेश मंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षा के नाम पर जाधव की मां और पत्नी के कपडे बदलवाये, उनके मंगलसूत्र, बिंदी सहित उनके गहने उतरवा लिये.
भंडारकर ने ट्वीट किया,’ जिस तरह का दुर्व्यवहार कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ पाकिस्तान में हुआ है, वह परेशान कर देनेवाला है. लेकिन सबसे ज्यादा डरा देनेवाली बात मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, उदारवादियों और फिल्म जगत के मेरे दोस्तों की खामोशी है.’ 25 दिसंबर को जाधव के परिवार ने इस्लामाबाद में मुलाकात की थी.
सुषमा ने कहा, 22 माह बाद एक मां की अपने बेटे से और एक पत्नी की अपने पति से होने वाली भावपूर्ण भेंट को पाकिस्तान ने एक दुष्प्रचार के हथियार के रुप में इस्तेमाल किया. सुषमा ने यह भी कहा दो दिन पहले विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी और बाद में इस मुलाकात से उपजी आपत्तियों को हमने राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान को भी अवगत करा दिया है.
उन्होंने कहा हमारे बीच यह स्पष्ट समझौता था कि मीडिया को जाधव के परिवार वालों के पास आने की अनुमति नहीं दी जाएगी, लेकिन पाकिस्तानी प्रेस को न केवल परिवार वालों के पास आने का मौका दिया गया बल्कि उन्हें ताने दिये गये, अपशब्दों से संबोधित कर परेशान किया गया, उन पर झूठे आरोप लगाये गये और जाधव को जबरन आरोपी सिद्ध करने का प्रयास किया गया.
विदेश मंत्री ने बताया कि भारत के उप उच्चायुक्त जाधव के परिवार के साथ इस मुलाकात के लिए गये थे. उनको बिना बताए परिवार वालों को पिछले दरवाजे से बैठक के लिए ले जाया गया जिससे उप उच्चायुक्त देख नहीं पाए कि जाधव की मां और पत्नी के कपड़े बदलवा कर और बिंदी चूडी मंगलसूत्र उतरवा कर ले जाया जा रहा है. वरना वह वहीं विरोध जताते.
