'ताल' के लिए अक्षय खन्ना ही क्यों थे पहली पसंद? सुभाष घई बोले- 'अगर यह किरदार बनावटी होता तो फिल्म नहीं चलती'

27 साल पूरे कर रही 'ताल' फिल्म के निर्देशक सुभाष घई ने बताया कि उन्होंने अक्षय खन्ना को ही इस जटिल किरदार के लिए क्यों चुना. जानें, विनोद खन्ना के बेटे में उन्हें कौन सी खूबियां दिखीं.

Taal 27th Anniversary: ऐश्वर्या राय बच्चन, अक्षय खन्ना और अनिल कपूर स्टारर सुपरहिट म्यूजिकल फिल्म 'ताल' 13 अगस्त को अपनी रिलीज के 27 साल पूरे करने जा रही है. इस खास मौके पर निर्देशक सुभाष घई का एक पुराना इंटरव्यू फिर चर्चा में है, जिसमें उन्होंने बताया था कि आखिर उन्होंने फिल्म में अक्षय खन्ना को क्यों चुना और क्यों उन्हें लगा कि इस किरदार के लिए उनसे बेहतर कोई दूसरा अभिनेता नहीं हो सकता.

सुभाष घई ने अक्षय खन्ना को क्यों चुना?

ईटाइम्स को दिए एक पुराने इंटरव्यू में सुभाष घई ने बताया कि 'ताल' का यह किरदार उनकी फिल्मों के सबसे कठिन, सबसे जटिल और सबसे ईमानदार किरदारों में से एक था.

उन्होंने कहा,

मैं इस फिल्म में बड़े सितारों की कास्ट रखना चाहता था. 'परदेस' और 'खलनायक' की सफलता के बाद लगभग सभी बड़े स्टार मेरे साथ काम करना चाहते थे. लेकिन मैं किसी स्टार की बनी-बनाई छवि के साथ काम नहीं करना चाहता था. मैं सिर्फ उसी किरदार के मुताबिक अभिनेता चुनना चाहता था, जैसा मैंने लिखा था. उस समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इस भूमिका के लिए किसे लिया जाए. अनिल कपूर को लेना आसान था क्योंकि मैं उनके साथ पहले भी काम कर चुका था.

विनोद खन्ना के बेटे में दिखी सच्चाई

सुभाष घई ने बताया कि जब विनोद खन्ना ने अपने बेटे अक्षय खन्ना से उनकी मुलाकात करवाई, तो पहली ही मुलाकात में वह उनसे काफी प्रभावित हो गए.

उन्होंने कहा,

मुझे उस युवा लड़के के अंदर गजब की गहराई और ईमानदारी दिखाई दी. मुझे लगा कि उसके चेहरे पर ऐसा व्यक्तित्व है जो सच बोलता है, सच सोचता है और सच को ही जीता है. मुझे खुशी है कि मैंने उसे इस किरदार के लिए चुना. अगर यह किरदार बनावटी तरीके से निभाया जाता, तो इतना अच्छा संगीत होने के बावजूद वह पर्दे पर असर नहीं छोड़ पाता.

सुभाष घई ने कहा- 'अक्षय खन्ना बाजारू स्टार नहीं हैं'

सुभाष घई ने अक्षय खन्ना की सादगी और काम के प्रति उनके रवैये की भी जमकर तारीफ की.

उन्होंने कहा,

एक नए लड़के को लेने के बाद भी सभी डिस्ट्रीब्यूटर और म्यूजिक कंपनियां मेरे साथ थीं. आज तक वह लड़का, जिसका नाम अक्षय खन्ना है, बिल्कुल नहीं बदला. वह उन 'बाजारू' सितारों में से नहीं हैं. बाजारू से मेरा मतलब उन कलाकारों से है जो अपने एजेंट, ब्रांड और अपनी इमेज पर ज्यादा निर्भर रहते हैं.

उन्होंने आगे कहा,

अक्षय ऐसे अभिनेता हैं कि अगर उन्हें आप पसंद आ जाएं और फिल्म का विषय पसंद आ जाए, तो वह खुद को पूरी तरह निर्देशक के हवाले कर देते हैं. फिर वह किसी तरह का नखरा नहीं करते. आज तक मैं अक्षय के किसी मैनेजर से नहीं मिला. वह सीधे मेरे पास आते हैं. हमारे बीच आपसी सम्मान और स्नेह है. वह बहुत कम फिल्में करते हैं और वही करते हैं जो उन्हें पसंद आती हैं. वह सच में एक अलग तरह के स्टार हैं.


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By दिव्या केशरी

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