Bhojpuri एक्ट्रेसेस को Bollywood में क्यों नहीं मिलते बड़े मौके? जानिए इसके पीछे की असली वजह

भोजपुरी सिनेमा की जबरदस्त लोकप्रियता और तगड़ी फैन फॉलोइंग के बावजूद अभिनेत्रियों के लिए बॉलीवुड का सफर आसान नहीं रहा है. भाषा से ज्यादा इंडस्ट्री की टाइपकास्टिंग, पुरानी धारणाएं और सीमित अवसर उनके रास्ते की बड़ी रुकावट हैं. जानिए साउथ सिनेमा की तुलना में भोजपुरी कलाकारों के लिए बॉलीवुड की राह क्यों कठिन है और ओटीटी कैसे नई उम्मीद बना है.

Bhojpuri Cinema Lacks Bollywood Presence: भोजपुरी सिनेमा ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाई है. इस इंडस्ट्री की कई अभिनेत्रियां अपनी एक्टिंग, खूबसूरती और लोकप्रियता के दम पर बड़ी फैन फॉलोइंग बना चुकी हैं. इसके बावजूद जब बात बॉलीवुड में बड़े मौके पाने की आती है, तो भोजपुरी एक्ट्रेसेस के लिए रास्ता अब भी आसान नहीं माना जाता. आखिर ऐसा क्यों है? क्या इसकी वजह सिर्फ भाषा है या इसके पीछे इंडस्ट्री की सोच, टाइपकास्टिंग और अवसरों की कमी भी जिम्मेदार है?

Limited Opportunity for Bhojpuri Actresses in Bollywood: भोजपुरी सिनेमा की मजबूत लोकप्रियता के बावजूद बॉलीवुड में कम मौके

भोजपुरी फिल्मों की अपनी बड़ी ऑडियंस है, खासकर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और देश के दूसरे हिस्सों में. विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच भी भोजपुरी कलाकारों की अच्छी पकड़ है. कई अभिनेत्रियां सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं.

हालांकि, किसी कलाकार की रीजनल लोकप्रियता और बॉलीवुड में मिलने वाले अवसर हमेशा एक जैसे नहीं होते. हिंदी फिल्मों में बड़े प्रोडक्शन हाउस अक्सर ऐसे चेहरों को प्राथमिकता देते हैं, जिनकी पहले से बॉलीवुड या हिंदी टीवी इंडस्ट्री में पहचान हो. यही वजह है कि भोजपुरी से आने वाली अभिनेत्रियों को अपनी पहचान दोबारा स्थापित करनी पड़ती है.

Bhojpuri Actress and Typecasting:भोजपुरी एक्ट्रेसेस को टाइपकास्टिंग का सामना करना पड़ता है

बॉलीवुड में भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर बनी कुछ पुरानी धारणाएं भी एक बड़ी चुनौती हैं. कई बार भोजपुरी कलाकारों को उनकी भाषा, स्क्रीन इमेज या पुराने किरदारों के आधार पर एक खास तरह की भूमिकाओं तक सीमित कर दिया जाता है.

आम्रपाली दुबे, अक्षरा सिंह, और रानी चटर्जी, फोटो इंस्टाग्राम

भोजपुरी फिल्मों में लंबे समय से ग्लैमर और मसाला एंटरटेनमेंट का हिस्सा रहे हैं. ऐसे में कुछ अभिनेत्रियों की पहचान भी इसी तरह के किरदारों से बन जाती है. बॉलीवुड में गंभीर, प्रयोगात्मक या दमदार किरदार पाने के लिए उन्हें इस छवि को तोड़ना पड़ सकता है. कई बार दर्शक और फिल्ममेकर दोनों ही किसी कलाकार को उसकी पिछली फिल्मों के आधार पर देखते हैं. यही वजह है कि एक अभिनेत्री के लिए अपनी अभिनय क्षमता का नया पक्ष दिखाने का मौका मिलना मुश्किल हो सकता है.

Language and Industry Mindset on Bhojpuri: भाषा से ज्यादा बड़ी चुनौती इंडस्ट्री की धारणा है

भोजपुरी से बॉलीवुड में आने वाली अभिनेत्री के सामने भाषा की चुनौती जरूर होती है, लेकिन आज के दौर में यह सबसे बड़ी बाधा नहीं है. ज्यादातर कलाकार हिंदी में काम कर सकते हैं और जरूरत के हिसाब से अपनी भाषा और उच्चारण पर भी काम करते हैं.

असल चुनौती उस धारणा को बदलने की होती है कि भोजपुरी सिनेमा से आने वाला कलाकार सिर्फ क्षेत्रीय फिल्मों के लिए उपयुक्त है. बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए कलाकार को लगातार साबित करना पड़ता है कि वह अलग-अलग तरह के किरदार निभा सकती है.

Bhojpuri Actors in OTT: ओटीटी ने भोजपुरी कलाकारों के लिए नई उम्मीद जगाई है

ओटीटी प्लेटफॉर्म ने इस स्थिति को कुछ हद तक बदला है. अब दर्शक सिर्फ बॉलीवुड के कलाकारों तक सीमित नहीं हैं. अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों के कलाकारों को वेब सीरीज और फिल्मों में जगह मिल रही है. जैसे हाल ही में दिनेश लाल यादव (निरहुआ) को वेब सीरीज रवि किशन के साथ मामला लीगल हैं (Mamla Legal Hain) में देखा गया था.

निरहुआ और मामला लीगल हैं टीम, फोटो- इंस्टाग्राम

Bhojpuri and South cinema Difference: रीजनल सिनेमा को लेकर सोच में बड़ा अंतर

भोजपुरी और साउथ इंडियन सिनेमा को लेकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की धारणा एक जैसी नहीं रही है. तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा ने लंबे समय से मजबूत कहानी, बड़े बजट और तकनीकी स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है. इन फिल्मों ने देश के साथ-साथ विदेशों में भी दर्शक तैयार किए हैं.

इसके मुकाबले भोजपुरी सिनेमा को अक्सर उसके कुछ सीमित कंटेंट और बोल्ड छवि के कारण देखा जाता है. इसका असर उन कलाकारों की छवि पर भी पड़ता है, जो इस इंडस्ट्री से निकलकर बॉलीवुड में कदम रखना चाहती हैं.

Bollywood Actresses in South: साउथ की अभिनेत्रियों को मिला मजबूत सिनेमा का फायदा

साउथ की कई अभिनेत्रियां बॉलीवुड में आने से पहले ही अपने क्षेत्र में मजबूत अभिनय कर चुकी होती हैं. उदाहरण के लिए Priyanka Chopra Jonas और Deepika Padukone जैसी अभिनेत्रियों ने अलग-अलग भाषाओं और इंडस्ट्री के साथ काम करके अपनी पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया.

आज भी दक्षिण भारतीय फिल्मों की हिंदी डबिंग और ओटीटी प्लेटफॉर्म ने वहां के कलाकारों की पहुंच बढ़ा दी है. इससे बॉलीवुड के निर्माताओं के लिए भी साउथ के कलाकारों को पहचानना आसान हो गया है.

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लेखक के बारे में

By आशा कुमारी

आशा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में एंटरटेनमेंट कंटेंट राइटर हैं. वह बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, OTT, बॉक्स ऑफिस, टीवी शोज और सोशल मीडिया पर वायरल एंटरटेनमेंट अपडेट्स कवर करती हैं. उनकी कोशिश यही रहती है कि हर बड़ी एंटरटेनमेंट खबर पूरी फैक्ट-चेकिंग, सटीक जानकारी और आसान भाषा के साथ सबसे पहले पाठकों तक पहुंचाई जाए.

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शिक्षा (Education)

झारखंड की रहने वाली आशा ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से इंग्लिश जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है.

पत्रकारिता की शुरुआत 

आशा को कंटेंट राइटिंग में ढाई साल का अनुभव है. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘द पैम्फलेट’ (The Pamphlet) में न्यूज राइटर के तौर पर की थी. इसके बाद उन्होंने आउटलुक (Outlook) में लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर के तौर पर काम किया. इसके साथ ही, आशा ने ईटीवी भारत (ETV Bharat) और हिंदुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में इंग्लिश कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिया है.

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