Bharat Bhhagya Viddhaata: मशहूर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. इस बीच एक्ट्रेस ने अपनी इस फिल्म को लेकर खुलकर बात की है और कुछ बहुत ही खास बातें शेयर की हैं. कुछ दिन पहले ही मेकर्स ने इस फिल्म का पहला लुक पोस्टर भी सोशल मीडिया पर रिलीज किया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया है. आइए जानते हैं कि इस फिल्म की असली कहानी क्या है और इसे लेकर कंगना रनौत ने क्या कहा है.
कंगना रनौत ने अपनी फिल्म को लेकर क्या कहा?
फिल्म के बारे में बात करते हुए कंगना रनौत ने कहा कि आप बस एक दिन के लिए सोचकर देखिए कि अगर अस्पतालों में नर्सें काम पर न आएं. स्कूलों में स्टाफ न पहुंचे. रेलवे का स्टाफ गायब हो जाए. शहर को साफ करने वाले सफाई कर्मचारी न आएं और सिनेमाघरों का स्टाफ भी छुट्टी पर चला जाए. यहां तक कि जब आपको बहुत डर लग रहा हो, तब आपकी मदद करने के लिए भी कोई सामने न आए. सिर्फ एक ही दिन में हमारा पूरा सिस्टम पूरी तरह से रुक जाएगा. इसके बावजूद हम इन लोगों को क्या बुलाते हैं? ‘आाम आदमी’. यह लोग रोज कुछ न कुछ बहुत खास काम करते हैं, फिर भी आम ही कहलाते हैं. असल में यही साधारण लोग हमारे देश के असली ‘भारत भाग्य विधाता’ हैं.
फिल्म के बारे में
यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म की कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है, जो साल 2008 में मुंबई में हुए 26/11 के आतंकवादी हमले के समय घटी थी. कहानी मुंबई के कामा एंड अल्ब्लेस अस्पताल के उन छोटे-बड़े कर्मचारियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें लोग अक्सर भूल जाते हैं. जब आतंकियों ने पूरे शहर पर हमला किया था, तब अस्पताल के इन मामूली स्टाफ मेंबर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कमाल की हिम्मत दिखाई थी. इन साधारण लोगों ने आतंकियों के सामने दीवार बनकर खड़े होकर अस्पताल में भर्ती करीब 400 मरीजों की जान सुरक्षित बचाई थी.
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