धुरंधर एक्ट्रेस आयशा खान ने खुलासा किया कि मुंबई पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती हिरासत में ले लिया. एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए पूरा मामला बताया. उनके मुताबिक, वह अपने कुछ मेल और फीमेल दोस्तों के साथ मुंबई में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट को सपोर्ट करने पहुंची थीं. जहां पुलिस ने बिना कोई वजह बताए उन्हें जबरदस्ती खींचा और फोर्सफुली वैन में बैठा दिया.
Ayesha Khan Detained: आयशा खान को पुलिस ने जबरदस्ती लिया हिरासत में
इंस्टाग्राम वीडियो शेयर करते हुए आयशा खान ने लिखा कि वह दादर में होने वाले स्टूडेंट प्रोटेस्ट को सपोर्ट करने के इरादे से वहां पहुंची थीं. उनके मुताबिक, वह शाम करीब 4 बजे मौके पर पहुंचीं, लेकिन इससे पहले कि वह कुछ बोल पातीं या कोई नारा लगातीं, एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें साफ कह दिया कि यहां प्रदर्शन की इजाजत नहीं है. इस पर आयशा ने पूछा, "अगर यहां नहीं, तो बताइए हम अपनी बात कहां रखें?"
15 police Forcibly Put Into Van: 15 पुलिसकर्मी ने जबरदस्ती बैठाया वैन में
आयशा का कहना है कि उनकी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि पुलिस ने पहले उनके भाई और दोस्त को पकड़ा. इसके बाद करीब 15 पुलिसकर्मी उन्हें सीधे पुलिस वैन में बैठने के लिए कहने लगे. एक्ट्रेस ने दावा किया कि 4-5 महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरदस्ती पकड़कर वैन में बिठाया. उन्होंने काफी कोशिश की, वैन में न जाना पड़े, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई. आयशा के मुताबिक, पूरे रास्ते वह और उनके दोस्त लगातार पूछते रहे कि आखिर उन्हें किस वजह से हिरासत में लिया गया और उनकी गलती क्या थी, लेकिन किसी ने भी कोई जवाब नहीं दिया. बाद में उन्हें दादर से वर्ली ले जाया गया.
Ayesha Khan Raised Question: आयशा खान ने उठाया ये सवाल
उन्होंने आगे बताया कि वर्ली पहुंचने के बाद पुलिस का व्यवहार सम्मानजनक था, लेकिन उनके मन में सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है कि आखिर बिना किसी वजह के उन्हें मौके से क्यों उठाया गया. आयशा ने सवाल किया, "क्या अब सड़क पर शांतिपूर्वक खड़ा होना भी जुर्म बन गया है?" एक अलग पोस्ट में आयशा ने वह वीडियो भी शेयर किया, जिसमें पुलिस उन्हें वैन में बैठाती हुई नजर आ रही है. कैप्शन में उन्होंने लिखा कि सिर्फ शांति से खड़े रहने पर उन्हें घसीटकर हिरासत में लिया गया. उन्होंने वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी से पूछा कि आखिर उन्हें किस आधार पर रोका गया, लेकिन किसी के पास कोई जवाब नहीं था.
आयशा बोली- आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे
आयशा ने आगे लिखा कि उन्हें इस बात की तसल्ली है कि उन्होंने वही किया, जो उन्हें सही लगा. पुलिस स्टेशन में भी उनका सिर्फ एक ही सवाल था, "मुझे किस कानून के तहत हिरासत में लिया गया? मैंने ऐसा कौन-सा नियम तोड़ा?" उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने के बजाय अगर नागरिकों को ही रोका जाएगा, तो यह बेहद निराशाजनक है. हालांकि, उनका मानना है कि कई पुलिसकर्मी भी अंदर ही अंदर सही और गलत का फर्क समझते हैं, लेकिन अपनी ड्यूटी की वजह से मजबूर होते हैं. पोस्ट के आखिर में आयशा ने साफ कहा कि उनका स्टैंड पहले भी साफ था और आज भी है. उनके मुताबिक, सबसे बड़ी कमी जवाबदेही की है और यही हर स्तर पर नजर आती है. इसके बावजूद उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे.
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