असमी फिल्म ''शोइसोबोते धेमालिते'' को मिला एक और पुरस्कार

नयी दिल्ली : हिंसक माहौल में बच्चों के पलने-बढ़ने के संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रित असमी फिल्म ‘शोइसोबोते धेमालिते’ ने एक और पुरस्कार जीता है. उसे इस बार पटकथा को लेकर अमेरिका के एक फिल्मोत्सव में पुरस्कार मिला है. विद्युत कोटोकी निर्देशित इस फिल्म को फ्लोरिडा के ट्रीजर कोस्ट इंटरेनशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ पटकथा पुरस्कार […]

नयी दिल्ली : हिंसक माहौल में बच्चों के पलने-बढ़ने के संवेदनशील मुद्दे पर केंद्रित असमी फिल्म ‘शोइसोबोते धेमालिते’ ने एक और पुरस्कार जीता है. उसे इस बार पटकथा को लेकर अमेरिका के एक फिल्मोत्सव में पुरस्कार मिला है.

विद्युत कोटोकी निर्देशित इस फिल्म को फ्लोरिडा के ट्रीजर कोस्ट इंटरेनशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ पटकथा पुरस्कार मिला है. उसे पांच श्रेणियों में नामित किया गया था.

मुम्बई में रहने वलाजे कोटोकी ने कहा, फिल्म की कहानी असम की पृष्ठभूमि पर आधारित है लेकिन दूर-दूर तक लोग उससे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं. इससे यह पता चलता है कि दुनियाभर में भावनाएं समान हैं.

‘शोइसोबोते धेमालिते’ में हमारा हमेशा विश्वास था कि हम वैश्विक दर्शकों के लिए असमी भाषा में फिल्म बना रहे हैं. पिछले महीने ‘शोइसोबोते धेमालिते’ अमेरिका में वाणिज्यिक रूप से रिलीज होने वाली पहली फिल्म बनी.

इसके अलावा, उसे तीन पुरस्कार मिले हैं जिनमें एक उसे लॉस एंजिल्स के लव इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्राप्त सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार शामिल है. सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में मंझे हुए कलाकार विक्टर बनर्जी, नकुल वैद्य, नावेद असलम, निपोन गोस्वामी और नकुमोनी बरुआ हैं.

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