Rahul Gandhi Wayanad Seat Result 2024: राहुल गांधी ने दर्ज की बड़ी जीत, एनी राजा को 3 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया

राहुल गांधी के पास 20 करोड़ से अधिक की संपत्ति है और उनपर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं. उन्होंने 2004 में राजनीति में प्रवेश किया.

Rahul Gandhi Wayanad Seat Result 2024: वायनाड लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने सीपीआई की एनी राजा को तीन लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया है. राहुल गांधी को 647445 वोट मिले. एनी राजा को 283023 वोट मिला, उन्हें 364422 वोटों के अंतर से पराजय मिली है. पहले यह कहा जा रहा था कि राहुल गांधी के लिए राह आसान नहीं हैं, उनके सामने सीपीआई की एनी राजा और बीजेपी के उम्मीदवार के सुरेंद्रन हैं, लेकिन उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की है. राहुल गांधी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में पार्टी के सक्रिय राजनेता हैं. राहुल अभी केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र के सांसद हैं. राहुल गांधी ने की शुरुआती शिक्षा दिल्ली में ही हुई है, उसके बाद उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से इकोनाॅमिक्स में मास्टर डिग्री ली है. सुरक्षा कारणों से इनकी पढ़ाई में कई बार बाधाएं भी आई हैं, जिसकी वजह से इन्हें स्कूल और काॅलेज बदलना पड़ा है. लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जो शपथपत्र दाखिल किया है, उसके अनुसार इनकी कुल संपत्ति 20 से अधिक है, जबकि इनपर 49 लाख से अधिक का लोन है. दर्ज आपराधिक मामलों की बात करें, तो इनपर 18 केस दर्ज हैं. राहुल गांधी का बचपन राजनीतिक माहौल में ही बीता है, लेकिन अधिकारिक रूप से इन्होंने राजनीति में प्रवेश 2004 में किया है.

2017 में कांग्रेस के अध्यक्ष बने

2004 से पहले राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के साथ कार्यक्रमों में नजर आते थे, कयासबाजी भी होती थी कि वे राजनीति में प्रवेश करने वाले हैं, लेकिन इस पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा नहीं जाता था. 2004 में राहुल ने राजनीति में प्रवेश किया और अमेठी से चुनाव लड़ा जहां से सोनिया गांधी चुनाव लड़ा करती थीं और संजय गांधी और राजीव गांधी भी चुनाव जीत चुके थे. राहुल गांधी यहां से चुनाव जीत गए थे. 2007 में वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव बनाए गए थे. धीरे-धीरे पार्टी में उनका कद बढ़ा और वे पार्टी के अध्यक्ष भी बने. राहुल गांधी दिसंबर 2017 से जुलाई 2019 तक कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष भी रहे थे. 2009 में पार्टी को चुनाव में मिली जीत का श्रेय भी उनकी रणनीतियों और कार्यों को दिया गया था. लोकसभा चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और काफी मान मनौव्वल के बाद भी वे दोबारा इस पद पर आसीन नहीं हुए. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भी काफी चर्चा में रही, जिसे राहुल गांधी ने 7 सितंबर, 2022 को शुरू किया था और 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में करीब पांच महीनों में 4,080 किलोमीटर की यात्रा की थी.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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