Narendra Modi: पीएम मोदी ने 'मंगलसूत्र' पर ऐसा क्या बोल दिया, जिससे आग बबूला हो गई कांग्रेस, जानें पूरा मामला

Narendra Modi: लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण के मतदान के लिए नेता दिनरात मेहनत कर रहे हैं. बीजेपी, कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक पार्टियां ताबड़तोड़‍ रैली और चुनावी सभा करने में व्यस्त है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ ऐसा बयान दे दिया है, जिससे कांग्रेस आग बबूला हो गई है.

Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर हमला करते हुए राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि ये अर्बन नक्सल वाली सोच, मेरी माताओं- बहनों ये आपका मंगलसूत्र भी बचने नहीं देंगे. इस हद तक चले जाएंगे. पीएम मोदी ने कहा, ये कांग्रेस का घोषणापत्र कह रहा है कि वे माताओं बहनों के सोने का हिसाब करेंगे, उसकी जानकारी लेंगे और फिर उस संपत्ति को बांट देंगे और उनको बांटेगे जिनके बारे में मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है. पीएम मोदी ने आगे कहा, इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठी करके किसको बांटेंगे?.. जिनके ज्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे. उन्होंने कहा, घुसपैठियों को बांटेंगे. आपकी मेहनत की कमाई का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? क्या आपको ये मंजूर है?

कांग्रेस ने पीएम मोदी पर किया पलटवार

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए दावा किया कि उनके कार्यकाल में भारत की महिलाओं को सबसे ज्यादा सोने के आभूषण बेचने और गिरवी रखने पड़े. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, मोदी सरकार के कई कदमों ने देश के बहुत सारे परिवारों को कर्ज के जाल में फंसा दिया है.

जयराम रमेश ने कहा- पीएम मोदी ने भारतीयों को कर्ज के जाल में फंसाया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दावा किया कि नोटबंदी, गलत ढंग से डिजाइन की गई जीएसटी, बिना किसी तैयारी के लगाए गए लॉकडाउन और खराब कोविड राहत पैकेज जैसी आर्थिक आपदाओं ने भारत के परिवारों को कर्ज के उच्चतम स्तर (जीडीपी का 40 प्रतिशत) के जाल में फंसा दिया. शुद्ध बचत अब तक के सबसे निचले स्तर (जीडीपी के पांच प्रतिशत) पर है. परिवारों को अपना सोना बेचने या गिरवी रखकर लोन लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर जहरीली भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जहरीली भाषा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, उन्होंने कहा, 1951 से हर दस साल के बाद जनगणना होती आ रही है. इससे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी का वास्तविक डेटा सामने आता है. इसे 2021 में कराया जाना चाहिए था लेकिन आज तक किया नहीं गया। इस पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने भी मोदी के बयान की निंदा की

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन टिप्पणियों को निराशाजनक बताया कि अगर कांग्रेस केंद्र में सत्ता में आती है तो वह लोगों की संपत्ति लेकर मुसलमानों को बांट देगी. उन्होंने कहा, चुनाव में हार की आशंका उन्हें परेशान करती है और इसलिए ऐसी भाषा है. कुछ लोगों की बच्चे पैदा करने की संख्या किसी चुनाव प्रचार का मुद्दा कैसे हो सकती है?

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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