NDA Meeting: संसदीय दल के नेता चुने गए पीएम मोदी, ‘वसुधा का नेता कौन हुआ’ शब्दों से किया गया स्वागत

NDA संसदीय दल की बैठक में नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही. उन्होंने कहा आपके नेतृत्व में बिहार का भी विकास होगा.

NDA Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुन लिया गया है. राजनाथ सिंह ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन अमित शाह, जेडीएस के कुमारस्वामी, टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू, जेडीयू के नीतीश कुमार, शिवसेना के एकनाथ शिंदे और लोजपा के चिराग पासवान ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया. एनडीए संसदीय दल की बैठक पुराने संसद भवन के सेंट्रल हाॅल में आयोजित की गई. इस बैठक की शुरुआत में बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हम लगातार तीसरी बार एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहे हैं और नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. आज उन्हें एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा. जेपी नड्डा ने कहा कि पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की नीति पर काम किया और आज भारत इसी मूल मंत्र पर काम कर रहा है और विश्व में अपनी पहचान बना चुका है. जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत रामधारी दिनकर की कविता -वसुधा का नेता कौन हुआ से की. यह कविता रश्मिरथी से ली गई है. जिसके बोल हैं- वसुधा का नेता कौन हुआ?
भूखण्ड-विजेता कौन हुआ? अतुलित यश क्रेता कौन हुआ? नव-धर्म प्रणेता कौन हुआ? जिसने न कभी आराम किया,विघ्नों में रहकर नाम किया।

राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा

जेपी नड्डा ने राजनाथ सिंह से आग्रह किया कि वे प्रस्ताव लेकर आएं. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1962 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई व्यक्ति लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहा है. राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी के विजन की तारीफ की और गठबंधन धर्म की बात की. उन्होंने कहा कि एनडीए परिवार में वृद्धि हुई है और हमारा यह दायित्व है कि हम देश को और आगे लेकर जाएं. राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को संसदीय दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव का समर्थन गृहमंत्री अमित शाह ने किया. उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ हम चंद लोगों की इच्छा नहीं है, बल्कि देश के हर कोने के लोगों की इच्छा है, जिसका हम सम्मान करते हैं. पीएम मोदी अगले पांच साल तक देश की सेवा करें, यह सबकी चाह है. पीएम मोदी ने पिछले दस सालों में जो काम किया है, उनका पीएम बनना उस बात पर ठप्पा है. उन्होंने कहा कि मैं प्रस्ताव का समर्थन करता हूं और उम्मीद करता हूं कि आप भी इस प्रस्ताव का समर्थन करता हूं.

अमित शाह, नितिन गडकरी, कुमारस्वामी, नायडू ने किया समर्थन

अमित शाह के बाद नितिन गडकरी ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया और कहा कि पिछले दस साल में मुझे उनके नेतृत्व में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने देश को विकास के रास्ते पर ले जाने का पूरे मन से प्रयास किया है. आने वाले पांच साल में हम विकास के महाशक्ति बनेंगे. गडकरी ने कहा कि मैं प्रस्ताव का समर्थन करता हूं और पीएम मोदी को शुभकामनाएं देता हूं. उनके बाद जेडीएस के नेता कुमार स्वामी ने प्रस्ताव का समर्थन किया. कुमार स्वामी के बाद टीडीपी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने भी नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय नेता चुने जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया. उन्होंने यह भी कहा कि हमें तीसरी बार देश में पूर्ण बहुमत मिला है. उन्होंने कहा कि पीएम ने पिछले तीन महीने से आराम नहीं किया है और चुनाव कार्यों में जुटे थे. उन्होंने कहा कि हमें पूर्ण भरोसा है कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व में नंबर वन बनेगा. चंद्र बाबू नायडू ने कहा कि जिस प्रकार हमारे नेता एनटीआर भारत को वैश्विक स्तर पर नंबर वन बनाना चाहते थे, पीएम मोदी उसी रास्ते पर चल रहे हैं, इसलिए हमारा पूर्ण समर्थन उन्हें है. हम उम्मीद करते हैं कि एनडीए गठबंधन अपना बेहतरीन प्रदर्शन इस कार्यकाल में करेगी.

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नीतीश कुमार ने कहा हम पीएम मोदी के साथ पूरे समय तक रहेंगे

जेडीयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को संसदीय दल का नेता चुने जाने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दस साल से प्रधानमंत्री हैं और अगले पांच साल तक फिर प्रधानमंत्री बनेंगे, हम उनके पीएम बनने का समर्थन करते हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि हम पीएम मोदी के साथ हैं और पूरे समय उनके साथ रहेंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग थोड़े बहुत जगह जीत गए हैं, वे अगली बार कुछ भी नहीं जीत पाएंगे. नीतीश कुमार ने कहा कि हम तो चाहते थे कि आप आज ही शपथ ले लेते. नीतीश कुमार ने पीएम मोदी और एनडीए की सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आपके कार्यकाल में बिहार का पूरा विकास होगा, बहुत पुराना राज्य है. उनके बाद लोजपा के नेता चिराग पासवान, अपना दल की अनुप्रिया पटेल सहित एनडीए के अन्य नेताओं ने उनका समर्थन किया.

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By Rajneesh anand

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राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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