Lok Sabha Election 2024 : मैं गांधी परिवार का नौकर नहीं हूं , जानिए अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी केएल शर्मा ने क्यों दिया ये बयान

Lok Sabha Election 2024 : अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी केएल शर्मा ने रविवार को कहा कि वे गांधी परिवार के नौकर नहीं हैं. अमेठी से उन्हें चुनाव लड़ाने का फैसला पार्टी ने किया है.

Lok Sabha Election 2024 : अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशी केएल शर्मा ने रविवार को कहा कि वे मंझे हुए राजनेता है ना कि कांग्रेस परिवार के नौकर. किशोरी लाल शर्मा का यह बयान तब सामने आया है, जब बीजेपी के एक नेता ने उनका नाम लिए बिना उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की. किशोरीलाल शर्मा ने कहा कि वे अमेठी में स्मृति ईरानी को चुनाव हराएंगे, क्योंकि उनकी पार्टी यहां बहुत मजबूत रही है. केएल शर्मा ने एएनआई न्यूज एजेंसी के साथ बात करते हुए कहा कि अमेठी से उन्हें टिकट देने का फैसला पार्टी ने किया, मैंने पेशेवर रूप से गांधी परिवार की सेवा नहीं की और ना ही उसके बदले पैसे लिए हैं. किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि वे 1983 में पंजाब से अमेठी आए थे और यहीं के होकर रह गए.

प्रियंका गांधी नामांकन के लिए पहुंची थीं

ज्ञात हो कि कांग्रेस ने अमेठी और रायबरेली सीट से अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने में काफी सस्पेंस बनाए रखा. नामांकन वाले दिन यानी 3 मई को ही पता चल पाया था कि इस सीट से कौन प्रत्याशी मैदान में है. कांग्रेस ने जब अमेठी से केएल शर्मा का नाम घोषित किया तो चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. प्रियंका गांधी खुद केएल शर्मा के नामांकन के लिए पहुंचीं और उनके लिए जनता से वोट मांगा. उन्होंने जनता से अपील की कि वे किशोरी लाल शर्मा को अपना वोट दें.

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प्रियंका संभालेंगी प्रचार की कमान

अमेठी लोकसभा क्षेत्र में 20 मई को मतदान होना है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली सीट पर प्रचार की कमान संभालेंगी. वे सोमवार छह मई से इन दोनों सीट पर प्रचार की रफ्तार तेज करेंगी. जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी अपने प्रचार अभियान में काफी आक्रामक रखेंगी. वे कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले इन दो सीट पर डोर टु डोर कैंपेन भी करेंगी. प्रियंका गांधी नुक्कड़ सभाओं और बैठकों पर जोर देंगी. रायबरेली सीट फिरोज गांधी की थी, जिसपर इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के बाद अब राहुल गांधी मैदान में हैं, जबकि अमेठी से राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी चुनाव लड़ चुके हैं. इस बार प्रियंका के पति राॅबर्ट वाड्रा ने चुनाव लड़ने के संकेत दिए थे, लेकिन पार्टी ने केएल शर्मा को टिकट दिया.

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Published by: Rajneesh anand

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राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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