Vijender Chauhan: फेमस शिक्षक विजेंद्र चौहान ने डॉ विकास दिव्यकीर्ति की तुलना खुद से किए जाने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि आप मेरी और विकास दिव्यकीर्ति की तुलना नहीं कर सकते हैं. मुझमें और उनमें जमीन आसमान का फर्क है. आइए, जानते हैं पूरा मामला.
विकास दिव्यकीर्ति और विजेंद्र चौहान, दोनों ही चर्चित शिक्षक हैं. सोशल मीडिया पर आए दिन इनके वीडियो वायरल होते रहते हैं. एक वीडियो में विजेंद्र चौहान और विकास दिव्यकीर्ति की किसी ने तुलना कर दी. इस पर विजेंद्र चौहान ने कहा कि उनके और विकास दिव्यकीर्ति के बैकग्राउंड में काफी अंतर है, इसलिए दोनों की सीधी तुलना करना सही नहीं है.
मेरे और विकास दिव्यकीर्ति के परिवार में बहुत फर्क है
विजेंद्र चौहान ने कहा कि उनके परिवार और माहौल और मेरी परवरिश में काफी फर्क है. उनके माता-पिता भी शिक्षक रहे हैं, जिससे उन्हें शुरू से ही पढ़ाई और भाषा का अच्छा वातावरण मिला. आगे कहा कि अगर तुलना करनी ही है तो वह उनकी अगली पीढ़ी के साथ की जा सकती है. उनका कहना है कि वे खुद शिक्षक हैं और उनकी पत्नी भी शिक्षक हैं. ऐसे में उनकी संतान का शैक्षणिक माहौल भी काफी हद तक वैसा ही हो सकता है जैसा विकास दिव्यकीर्ति को मिला था. इसलिए भविष्य में उनकी संतान और विकास दिव्यकीर्ति के बीच तुलना करना ज्यादा उचित हो सकता है.
विकास दिव्यकीर्ति की भाषा काफी प्रभावी है
भाषा की बात कर उन्होंने कहा कि विकास दिव्यकीर्ति की भाषा काफी प्रभावशाली और सधी हुई है, जबकि उनकी अपनी भाषा में दिल्ली का स्थानीय प्रभाव दिखाई देता है. हालांकि उनका मानना है कि समय के साथ अगली पीढ़ी में यह फर्क कम हो सकता है और भाषा का यह पुट धीरे-धीरे खत्म भी हो सकता है.
कौन हैं विजेंद्र चौहान?
विजेंद्र सिंह चौहान दिल्ली विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज में हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और एक जाने-माने शिक्षक हैं. वे यूपीएससी अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देने के लिए भी काफी प्रसिद्ध हैं. इसके साथ ही वे दृष्टि IAS के मॉक इंटरव्यू पैनल का हिस्सा रहे हैं और सोशल मीडिया व यूट्यूब वीडियो के माध्यम से भी उम्मीदवारों को सलाह और मार्गदर्शन देते रहते हैं.
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