Deeksha Patkar Success Story: UPSC की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है. हर साल लाखों युवा IAS, IPS और IFS बनने का सपना लेकर इस एग्जाम में बैठते हैं, लेकिन आखिर तक पहुंचने वाले उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम होती है. कई छात्र सालों तक तैयारी करते हैं, फिर भी सफलता नहीं मिल पाती. ऐसे में अगर कोई MBBS और MD जैसी कठिन मेडिकल पढ़ाई पूरी करने के बाद UPSC क्रैक कर ले, तो उसकी कहानी (Deeksha Patkar Success Story) अपने आप में खास बन जाती है.
Deeksha Patkar Success Story: कौन हैं दीक्षा पाटकर?
दीक्षा पाटकर मूलरूप से मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के छोटे से गांव करकबेल की रहने वाली हैं. दीक्षा की शुरुआती पढ़ाई गांव के एक छोटे निजी स्कूल से हुई. पांचवीं तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय बोहानी में दाखिला लिया. वहीं से उनकी असली उड़ान शुरू हुई.
NEET एग्जाम क्रैक
दीक्षा के पिता हेमराज पाटकार एक किराना व्यवसायी हैं. मां अर्चना पाटकार गृहिणी हैं. साधारण परिवार से आने वाली दीक्षा शुरू से पढ़ाई में अव्वल रही हैं. उन्होंने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा निकाल ली.
NEET क्लियर करने के बाद दीक्षा को जोधपुर AIIMS में एडमिशन मिला. गांव की बेटी जब AIIMS पहुंची तो परिवार और इलाके में खुशी का माहौल बन गया. उन्होंने वहां से MBBS की पढ़ाई पूरी की और फिर MD भी किया.
UPSC की तैयारी
अस्पताल में मरीजों की सेवा करते-करते उन्हें एहसास हुआ कि सिस्टम में रहकर और बड़े स्तर पर काम किया जा सकता है. बस यहीं से UPSC का सपना शुरू हो गया. मेहनत रंग लाई और UPSC CSE 2025 में उन्होंने AIR 88 हासिल कर ली.
एक इंटरव्यू में दीक्षा पाटकर कहती हैं कि वो डॉक्टर बनकर लिमिटेड लोगों तक ही सेवा कर सकती थीं. ऐसे में उन्होंने IAS बनने का फैसला लिया. दीक्षा को यूपीएससी में कुल 1002 मार्क्स मिले. उन्हें लिखित परीक्षा में 801 और इंटरव्यू राउंड में 201 मार्क्स मिले हैं.
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