IES में रैंक 2, अब UPSC CSE में AIR 85, ईशा ने लिखी कामयाबी की कहानी

Isha Barak Success Story: देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी सिविल सर्विस में जगह बनाना हर साल लाखों युवाओं का सपना होता है. लेकिन इस परीक्षा में टॉप 100 में जगह बनाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं होता. साल 2025 के रिजल्ट में Isha Barak ने ऑल इंडिया रैंक 85 हासिल करके यह सपना सच कर दिखाया.

Isha Barak Success Story: दिल्ली की रहने वाली ईशा बराक की कहानी सिर्फ UPSC तक सीमित नहीं है. इससे पहले भी वह एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं. उन्होंने Indian Economic Service Examination 2018 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की थी. यानी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी पकड़ शुरू से ही काफी मजबूत रही है.

Isha Barak Success Story: कौन हैं ईशा बराक?

ईशा बराक का संबंध दिल्ली से है. उनकी शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने इकोनॉमिक्स विषय को अपने करियर का आधार बनाया. उन्होंने Jesus and Mary College, University of Delhi से 2012 से 2015 के बीच इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन पूरी की.

इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई को और आगे बढ़ाते हुए Delhi School of Economics से 2015 से 2017 के बीच मास्टर्स इन इकोनॉमिक्स किया. यही विषय आगे चलकर उनके करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी ताकत बना.

UPSC IES में रैंक 2

कॉलेज खत्म होने के बाद ईशा ने यूपीएससी इकोनॉमिक्स सर्विस एग्जाम की तैयारी में लग गईं. उन्होंने साल 2018 के आईईएस एग्जाम में रैंक 2 हासिल किया था. इसके बाद बतौर असिस्टेंट डायरेक्ट वो वित्त मंत्रालय में तैनात हो गईं.

UPSC सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में होती है. इसमें प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू शामिल होते हैं. इन तीनों चरणों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके उन्होंने यह रैंक हासिल किया है.

UPSC CSE में रैंक 85

एक सेंट्रल लेवल की जॉब के साथ ईशा ने सिविल सर्विस की तैयारी जारी रखी. इस बार सिविल सर्विस की परीक्षा में उन्हें रैंक 85 प्राप्त हुआ है. उन्हें एग्जाम में कुल 1002 मार्क्स मिले हैं. इसमें लिखित परीक्षा में 802 और इंटरव्यू के मार्क्स 200 हैं.

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By Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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