NEET UG 2026 के रिजल्ट में दूसरा स्थान (AIR 2) पाकर पंशुल बंसल ने इतिहास रच दिया है. पंशुल ने इस कठिन परीक्षा में 720 में से 715 अंक हासिल किए हैं. अपने पहले ही प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल करने वाले पंशुल ने अपनी सफलता की स्ट्रैटेजी शेयर की है. यह स्ट्रैटेजी लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए बेहद मददगार साबित हो सकती है.
रोजाना सिर्फ 6 से 7 घंटे की पढ़ाई
पंशुल ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया कि टॉपर बनने के लिए 15-16 घंटे पढ़ना जरूरी है. उन्होंने बताया कि वे रोजाना सिर्फ 6 से 7 घंटे ही पढ़ाई करते थे. उनका यह समय तीन हिस्सों में बंटा हुआ था. वे 3 घंटे सुबह, 3 घंटे दोपहर में और 1 घंटा शाम को पढ़ते थे. उनका मानना है कि पढ़ाई के लिए घंटों से ज्यादा पढ़ाई की क्वालिटी मायने रखती है.
मॉक टेस्ट और प्रश्नों के अभ्यास पर भरोसा
पंशुल ने अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए कहा कि वे सिर्फ थ्योरी पढ़ने में समय नहीं बिताते थे. वे सबसे ज्यादा ध्यान कोचिंग नोट्स, NCERT रिवीज़न और प्रश्नों के अभ्यास पर देते थे. इसके साथ ही उन्होंने नियमित रूप से मॉक टेस्ट दिए. मॉक टेस्ट की मदद से वे अपनी कमियों को लगातार सुधारते रहे. इसी स्ट्रैटेजी का फल था कि उन्होंने JEE Main 2026 परीक्षा में भी 99.5 पर्सेंटाइल हासिल किए.
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भविष्य में सर्जन बनना चाहते हैं पंशुल
पंशुल बंसल भविष्य में एक बेहतरीन सर्जन बनना चाहते हैं. उन्हें बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था. उन्होनें यूरोलॉजी या कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में सुपर-स्पेशियलिटी करने की इच्छा जताई हैं.
स्टूडेंट्स के लिए खास मैसेज
पंशुल ने NEET की तैयारी कर रहे अन्य स्टूडेंट्स को मैसेज दिया. उन्होनें कहा कि हमें रिजल्ट के बारे में सोचकर परेशान नहीं होना चाहिए. अपनी पूरी यात्रा के दौरान बस कंसीस्टेंसी बनाए रखें और अपना 100% प्रयास दें, रिजल्ट अपने आप बेहतर हो जाएगा.
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