NEET Success Story: मध्य प्रदेश के जबलपुर के ओम की कहानी ये बताती है कि चाहे मुश्किलें कितनी भी हो अगर आप लगातार मेहनत करते हैं तो रास्ता जरूर निकल आता है. ओम चौकसे (OM Choukse) के पिता फुटपाथ पर बैग बेचते हैं. ओम खुद भी पिता की दुकान में मदद करता था और इसके बाद समय निकालकर पढ़ाई करता था. आर्थिक तंगी, समय का अभाव, इतने सब के बाद भी ओम ने एक नहीं तीन-तीन परीक्षा पास कर ली. उन्होंने NEET UG 2026 में 720 में से 521 मार्क्स हासिल किए हैं. इसी के साथ CUET UG और JEE परीक्षा भी क्रैक कर लिया.
पिता के दुकान पर काम करते थे ओम
ओम के लिए डॉक्टर बनने का सपना आसान नहीं था. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे सकें. पिता जबलपुर के मॉडल हाई सेकेंडरी स्कूल के बाहर सड़क किनारे फुटपाथ पर स्कूल बैग की दुकान लगाते हैं. इसी दुकान की कमाई से घर का खर्च चलता है. ओम ने पढ़ाई के साथ पिता की जिम्मेदारियों को भी समझा और हर दिन उनका हाथ बंटाया.
रात में समय निकालकर नीट की तैयारी करते थे
आम स्टूडेंट से ओम का रूटीन बिल्कुल अलग था. सुबह पिता की मदद के बाद वे स्कूल जाकर पढ़ाई करते थे. शाम को वहां से लौटने के बाद पिता की दुकान में वापस से काम करने आते थे और रात में समय निकालकर NEET UG परीक्षा की तैयारी करते थे. परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई के लिए समय निकालना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन डॉक्टर बनने का लक्ष्य उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा.
MP Board की 10वीं में हासिल की प्रदेश में 7वीं रैंक
ओम ने पढ़ाई में अपनी प्रतिभा पहले ही साबित कर दी थी. MP Board की 10वीं परीक्षा में उन्होंने पूरे मध्य प्रदेश में 7वीं रैंक हासिल की थी. इसके बाद 12वीं साइंस स्ट्रीम में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.
12वीं में ओम ने 482 मार्क्स हासिल किए और प्रदेश की मेरिट लिस्ट में 10वां स्थान बनाया. इसके बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया और NEET की तैयारी शुरू कर दी.
दादी की मौत ने बदला जिंदगी का लक्ष्य
ओम के डॉक्टर बनने के फैसले के पीछे दादी से जुड़ी एक बात भी है. उनकी दादी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. इस घटना ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया. इसके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने की फैसला किया. ओम ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपनी पढ़ाई को लगातार जारी रखा.
NEET UG 2026 में मिले 521 मार्क्स
NEET UG 2026 में ओम ने 720 में से 521 मार्क्स हासिल किए. इससे पहले हुई परीक्षा में उनके 625 मार्क्स थे. परीक्षा को लेकर विवाद और NEET री-एग्जाम की स्थिति के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी नहीं छोड़ी.
ओम ने पढ़ाई का सिलसिला जारी रखा और लगातार रिवीजन पर फोकस किया. उन्होंने सफलता के लिए उन्होंने किसी शॉर्टकट पर भरोसा नहीं किया. लगातार पढ़ाई और रिवीजन को उन्होंने अपनी तैयारी का मूलमंत्र बनाया.
लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा
सिर्फ नीट नहीं ओम ने CUET UG और JEE परीक्षा में भी सफलता हासिल की है. ओम की कहानी उन बच्चों के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों से हार कर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी छोड़ देते हैं.
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