NDA Shanan Dhaka Success Story: हरियाणा की बेटी शनन ढाका ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर लिया है. देहरादून के इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें सेना में कमीशन मिला. शनन की यह कामयाबी इसलिए बहुत खास है क्योंकि वह उन पहली महिला कैडेट्स में शामिल हैं जिन्होंने एनडीए (NDA) से लेकर आईएमए (IMA) तक का पूरा सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है. आइए जानते हैं देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बनने वाली लेफ्टिनेंट शनन ढाका के इस शानदार सफर की कहानी.
Shanan Dhaka Success Story: दादा और पिता से मिली देश सेवा की प्रेरणा
रोहतक जिले के सुंदराना गांव की रहने वाली शनन ढाका का परिवार पीढ़ियों से देश की सेवा में लगा हुआ है. उनके दादा चंदरभान ढाका सूबेदार रहे हैं और उनके पिता विजय कुमार ढाका भी नायब सूबेदार के पद से देश की सेवा कर चुके हैं. फौजी माहौल में पली-बढ़ीं शनन का बचपन रुड़की, दिल्ली और चंडीगढ़ जैसी सैन्य छावनियों में बीता.
पढ़ाई में भी अव्वल, NDA की पहली महिला टॉपर बनी थीं शनन
शनन न सिर्फ खेल और ट्रेनिंग बल्कि पढ़ाई में भी हमेशा आगे रहीं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल से पूरी की, जहां उन्होंने 10वीं में 97.4% और 12वीं में 98.2% अंक हासिल किए. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के नामी लेडी श्रीराम कॉलेज में एडमिशन लिया.
साल 2021 में जब सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को एनडीए परीक्षा में बैठने की इजाजत दी, तो शनन ने इस सुनहरे मौके को हाथ से नहीं जाने दिया. उन्होंने नवंबर 2021 की एनडीए परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की और महिलाओं की श्रेणी में पूरे देश में पहला स्थान पाकर इतिहास रच दिया.
NDA से IMA तक का सफर
जून 2022 में शनन (Shanan Dhaka Success Story) ने एनडीए के पहले महिला बैच के रूप में अपनी ट्रेनिंग शुरू की. यहां उन्होंने पुरुष कैडेट्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बेहद कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी की. तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद मई 2025 में उन्होंने एनडीए से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद अधिकारी बनने के अंतिम पड़ाव के लिए उन्हें देहरादून की इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) भेजा गया. आईएमए में एक साल की कड़ी सैन्य ट्रेनिंग ने उन्हें पूरी तरह से भारतीय सेना की कमान संभालने के लिए तैयार कर दिया.
पूर्वी लद्दाख में हुई पहली पोस्टिंग
13 जून 2026 को आईएमए की 158वीं पासिंग आउट परेड में शनन (Shanan Dhaka Success Story) का सपना सच हो गया. इस ऐतिहासिक पासिंग आउट बैच में कुल 515 कैडेट्स सेना का हिस्सा बने, जिनमें 9 महिला अधिकारी भी शामिल थीं. देश सेवा के इस सफर में लेफ्टिनेंट शनन ढाका की पहली पोस्टिंग रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हुई है.
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