डॉलर में सैलरी नहीं देसी सर्विस पर आया दिल, लाखों की नौकरी छोड़ IPS बनीं पूजा

IPS Pooja Yadav Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा का क्रेज क्या है ये आप IPS पूजा यादव की जर्नी से समझ सकते हैं. इस कठिन परीक्षा को क्रैक करने के बाद पूजा IPS बनीं और अपने काम करने के अंदाज से खूब मशहूर भी हो गईं. लेकिन IPS बनने का उनका सफर आसान नहीं था. इसमें उतार-चढ़ाव भी रहे और संघर्ष भी.

IPS Pooja Yadav Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा का क्या क्रेज है जानना है तो आईपीएस पूजा यादव की कहानी जरूर पढ़नी चाहिए. पूजा यादव का नाम देश की सबसे खूबसूरत और सख्त लेडी आईपीएस की लिस्ट में शामिल है. उन्होंने विदेश में लाखों की नौकरी को ठुकराकर कैसे यूपीएससी परीक्षा क्रैक की और आईपीएस बनीं यह बहुत रोचक है.

IPS Pooja Yadav Success Story: कौन हैं पूजा यादव?

हरियाणा के नूह जिले से आने वाली पूजा यादव एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं. बचपन से पढ़ाई में तेज रहीं पूजा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई हरियाणा से पूरी की. इसके बाद उन्होंने BA किया और फिर Political Science में MA की डिग्री ली. यहीं नहीं. आगे चलकर Biotechnology और Food Technology में MTech की पढ़ाई भी पूरी की.

पढ़ाई करना पूजा का जुनून था लेकिन हालात हमेशा आसान नहीं रहे. उन्होंने ट्यूशन पढ़ाकर और रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करके अपनी पढ़ाई का खर्च निकाला. यही संघर्ष उनकी कहानी को और प्रेरणादायक बनाता है.

विदेश की नौकरी

MTech करने के बाद पूजा को विदेश में नौकरी मिल गई. वो कनाडा और जर्मनी में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर चुकी हैं. लाखों का पैकेज और विदेश की लाइफस्टाइल उनके सामने थी. लेकिन पूजा का मन कहीं और था. उनका सपना था सिविल सर्विस में जाना.

सिविल सर्विस का सपना पूरा करने के लिए पूजा भारत लौट आईं. साल 2017 में उन्होंने UPSC एग्जाम दिया लेकिन असफल रहीं. हिम्मत नहीं हारी और साल 2018 में फिर परीक्षा दी. इस बार उन्हें रैंक 174 मिला और उनका चयन IPS में हुआ.

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Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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