IPS Aparna Kaushik: देश की फेमस सेवाओं में शामिल होने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन इसे पूरा करने के लिए बहुत कम लोग अपने कंफर्ट वाली जिंदगी और हाई सैलरी वाली नौकरी छोड़ने का साहस जुटा पाते हैं. ऐसी ही मोटिवेशनल कहानी (Motivational Story) है IPS अपर्णा कौशिक की, जिन्होंने करीब 18 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर सिविल सेवा का रास्ता चुना और आज एक सफल पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं.
हाल ही में बॉडी शेमिंग से जुड़े एक मामले को लेकर चर्चा में आईं अपर्णा कौशिक फिलहाल मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्यरत हैं. उनकी कहानी सट्रगल, कॉन्फिडेंस और मेहनत की है.
जन्म से पहले ही पिता का साया उठ गया
अपर्णा कौशिक का जीवन शुरुआत से ही चुनौतियों से भरा रहा. उनके जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था. ऐसे में उनकी मां ने कठिन परिस्थितियों में उनका पालन-पोषण किया और शिक्षा दिलाई. सीमित संसाधन के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को अपनी ताकत बनाया और हमेशा बेहतर प्रदर्शन किया.
स्कूल से NIT तक का सफर
अपर्णा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दयावती मोदी अकैडमी से की. 10वीं तक की शिक्षा पूरी करने के बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर चली गईं. इसके बाद उन्होंने NIT प्रयागराज (पूर्व में MNNIT Allahabad) से बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री हासिल की.
गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में करती थीं नौकरी
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी मिली और उन्होंने गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में बिजनेस एनालिस्ट के रूप में काम करना शुरू किया.
18 लाख की नौकरी छोड़ी
गुरुग्राम में काम करते हुए अपर्णा को करीब 18 लाख रुपये सालाना पैकेज मिल रहा था. यह एक शानदार करियर माना जाता है, लेकिन उनके मन में हमेशा समाज और देश के लिए कुछ करने की इच्छा थी. कॉर्पोरेट नौकरी में आर्थिक स्थिरता तो थी, लेकिन उन्हें वह संतुष्टि नहीं मिल रही थी जिसकी उन्हें तलाश थी. इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया और नौकरी छोड़कर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस किया.
UPSC में हासिल की सफलता
कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयासों के बाद अपर्णा कौशिक ने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की और 2015 बैच की IPS अधिकारी बनीं. इसके बाद उन्होंने विभिन्न जिम्मेदार पदों पर काम करते हुए अपनी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता से पहचान बनाई.
महिला सुरक्षा के लिए चलाए अभियान
IPS अधिकारी के रूप में अपर्णा कौशिक ने महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम के खिलाफ कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए हैं. उन्होंने लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने और महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रमों का नेतृत्व किया.
युवाओं के लिए प्रेरणा
अपर्णा कौशिक की कहानी यह बताती है कि सफलता केवल ऊंची सैलरी पाने में नहीं, बल्कि अपने जुनून और उद्देश्य को पहचानने में भी होती है. एक तरफ जहां उन्होंने कॉर्पोरेट दुनिया में सफल करियर बनाया, वहीं दूसरी ओर देश सेवा के लिए उसे छोड़कर IPS बनने का कठिन रास्ता चुना. आज उनकी उपलब्धियां उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए जोखिम उठाने का साहस रखते हैं.
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