Harsh Nehara UPSC Topper: यूपीएससी (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो लगातार प्रयास करते रहते हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी मेरठ के रहने वाले हर्ष नेहरा की है. हर्ष ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 74वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे इलाके का नाम रोशन किया है. आइए हर्ष (Harsh Nehara UPSC Topper) के इस सफर को करीब से जानते हैं.
Harsh Nehara UPSC Topper: साधारण किसान परिवार से हैं हर्ष
हर्ष नेहरा एक बेहद साधारण किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता अजय नेहरा पेशे से एक किसान हैं, जो खेती करके पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालते हैं. हर्ष के परिवार में उनके माता-पिता के अलावा उनकी एक छोटी बहन हर्षिता भी है. भले ही परिवार के पास संसाधन सीमित थे, लेकिन उनके माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी.
Harsh Nehara UPSC Topper: कहां से हुई थी पढ़ाई?
हर्ष की स्कूलिंग मेरठ से ही पूरी हुई है. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मेरठ के कंकरखेड़ा में स्थित तक्षशिला पब्लिक स्कूल से की. वह बचपन से ही पढ़ाई में काफी अच्छे थे. इसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई मोदीपुरम के डीएमए इंटर कॉलेज से पूरी की. स्कूल के दिनों में ही हर्ष ने यह तय कर लिया था कि उन्हें आगे चलकर सिविल सेवा में जाना है और देश के लिए कुछ बड़ा करना है. स्कूल के समय से ही अनुशासन और लगातार मेहनत करना उनकी आदत बन चुकी थी.
मेरठ कॉलेज से ग्रेजुएशन और दिल्ली का रुख
स्कूल खत्म करने के बाद हर्ष (Harsh Nehara UPSC Topper) ने मेरठ कॉलेज में एडमिशन लिया और वहां से बीएससी (BSc) की डिग्री हासिल की. कॉलेज के दिनों में भी उनका पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर ही टिका रहा. वह अपनी कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ मन ही मन यूपीएससी की रणनीति भी तैयार करते रहे. ग्रेजुएशन पूरी होते ही उन्हें समझ आ गया कि अगर इस कठिन परीक्षा को पास करना है, तो बेहतर मार्गदर्शन की जरूरत होगी. इसी सोच के साथ उन्होंने देश दिल्ली जाने का फैसला किया.
मुखर्जी नगर में रहकर की तैयारी
साल 2023 में हर्ष दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुंचे. वहां रहकर उन्होंने कोचिंग जॉइन की और साथ ही सेल्फ स्टडी पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया. हर्ष ने 2024 में अपना पहला प्रयास दिया. अपनी बेहतरीन तैयारी के दम पर वह पहले ही बार में इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गए. हालांकि, अंतिम मेरिट लिस्ट में उनका सिलेक्शन नहीं हो सका. इस मोड़ पर आकर बहुत से छात्र निराश हो जाते हैं, लेकिन हर्ष ने इसे असफलता नहीं बल्कि एक सीख के रूप में लिया.
हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में मिली सफलता
पहले प्रयास में मिली सीख को हथियार बनाकर हर्ष दोबारा तैयारी में जुट गए. उन्होंने अपनी उन कमियों को समझा जिनकी वजह से उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया था. हर्ष ने अपनी कमजोरियों को दूर किया और दोगुनी ताकत से पढ़ाई में जुट गए. फिर साल 2025 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 74वीं रैंक हासिल किया.
यह भी पढ़ें: लगातार हुए फेल, शादी भी टाल दी, आखिरी प्रयास में हासिल किया UPSC AIR 287
