Brother Sister Success Story: भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ खून का नहीं, हौसलों का भी होता है. साथ चलें तो मुश्किल रास्ते भी मंजिल तक पहुंचा देते हैं. कुछ ऐसी कहानी गया जिले के दो भाई-बहन की है, जिनका कद तो छोटा है लेकिन सपने बहुत बड़े हैं. 18 वर्षीय दीपक की लंबाई करीब 3 फीट है और उनकी बहन 3.5 फीट की है. इस रक्षाबंधन स्पेशल सीरिज के एपिसोड-2 में दीपक और करिश्मा की कहानी जानते हैं.
बोर्ड परीक्षा में सफलता हासिल कर किया कमाल
दीपक ने 2025 में 10वीं की परीक्षा में फर्स्ट डिविजन के साथ सफलता हासिल की जबकि उनकी बहन भी पढ़ाई में लगातार आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने दूसरे स्थान के साथ बोर्ड परीक्षा पास की है.
भाई का सपना है इंजीनियर बनना, बहन भी इसी राह पर
दीपक फ्यूचर में इंजीनियर बनना चाहते हैं. लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति, स्कूल दूर होने जैसे कई कारणों से वे मजबूर हैं. हालांकि, उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि भविष्य में वो कुछ अच्छा करें. वहीं करिश्मा भी भाई की तरह इंजीनियर बनना चाहती हैं. दोनों भाई-बहन मानते हैं कि कठिनाइयां रास्ता रोक सकती हैं, लेकिन मंजिल नहीं.
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स्कूल पहुंचने के लिए पार करनी पड़ती थी नदी
करिश्मा एक मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताती हैं कि गांव में पुल नहीं होने के कारण कई बार स्कूल जाने के लिए नदी पार करनी पड़ती थी. बरसात के दिनों में यह चुनौती और भी बढ़ जाती थी. इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और नियमित रूप से स्कूल पहुंचने की कोशिश की.
आर्थिक और शारीरिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई जारी
भाई-बहन दोनों ने सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया. परिवार की परिस्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन दोनों ने हार मानने के बजाय मेहनत का रास्ता चुना.
युवाओं के लिए मिसाल
दीपक और करिश्मा की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी या मुश्किल परिस्थितियों को अपनी पढ़ाई में बाधा मान लेते हैं. गया के इन भाई-बहन ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है.
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