PMSS Scholarship: पीएम स्कॉलरशिप स्कीम National Defence Fund से चलती है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय संभालता है. पूरी स्कीम की जिम्मेदारी Kendriya Sainik Board यानी KSB के पास होती है. मेडिकल, इंजीनियरिंग, डेंटल, वेटनरी, MBA, MCA जैसे कोर्स इसमें कवर होते हैं, बस वो कोर्स AICTE या UGC से मान्यता प्राप्त होना चाहिए
PMSS Scholarship क्या है?
PM Scholarship Scheme यानी PMSS की शुरुआत साल 2006-07 में हुई थी. इसे रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले Department of Ex-servicemen Welfare ने शुरू किया था. इसका मकसद है एक्स-सर्विसमैन और उनकी विधवाओं के बच्चों को टेक्निकल और प्रोफेशनल पढ़ाई में मदद करना.
PMSS Benefits कितनी स्कॉलरशिप मिलेगी हर महीने?
अब बात करते हैं पैसों की. लड़कों को हर महीने 2500 रुपये मिलते हैं और लड़कियों को 3000 रुपये. ये पैसा साल में एक बार दिया जाता है और सीधे स्टूडेंट के बैंक अकाउंट में ECS के जरिए भेजा जाता है. हर साल कुल 5500 सीटें होती हैं, जिसमें लड़के और लड़कियों को बराबर बांटा जाता है यानी 2750-2750. कोर्स की अवधि के हिसाब से ये स्कॉलरशिप दो से पांच साल तक मिलती रहती है.
PMSS Eligibility: कौन कर सकता है अप्लाई
अगर आप पहले साल में एडमिशन ले चुके हैं तो ही इस स्कीम के लिए अप्लाई कर सकते हैं, लेटरल एंट्री वालों को इसमें छूट नहीं है. इसके अलावा आपके पास 10+2, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन में कम से कम 60 फीसदी मार्क्स होने चाहिए. ये स्कीम सिर्फ एक्स-सर्विसमैन और एक्स-कोस्ट गार्ड के बच्चों या विधवाओं के लिए है. मास्टर डिग्री कोर्स में स्कॉलरशिप नहीं मिलती, बस MBA और MCA को छूट दी गई है. एक स्टूडेंट सिर्फ एक ही कोर्स के लिए स्कॉलरशिप ले सकता है.
प्रायोरिटी कैटेगरी कैसे तय होती है
स्कॉलरशिप देने में एक प्रायोरिटी ऑर्डर फॉलो किया जाता है. सबसे पहले नंबर पर वो बच्चे आते हैं जिनके माता-पिता ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हों. इसके बाद उन लोगों को मौका मिलता है जो सर्विस के दौरान डिसेबल हो गए हों. फिर आते हैं वो जिनकी मौत सर्विस के दौरान किसी और वजह से हुई हो. इसके बाद गैलेंट्री अवॉर्ड पाने वालों के बच्चों को और आखिर में PBOR यानी जवानों के बच्चों को प्रायोरिटी मिलती है.
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किन कोर्स में मिलेगा फायदा?
BE, BTech, BDS, MBBS, BEd, BBA, BCA, BPharma, BA LLB जैसे फर्स्ट प्रोफेशनल डिग्री कोर्स इस स्कीम में कवर होते हैं. लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सिविलियन या पैरामिलिट्री के बच्चे इस स्कीम के लिए एलिजिबल नहीं हैं. जो स्टूडेंट दूसरे या उससे आगे के साल में पढ़ रहे हैं, वो नई एप्लीकेशन नहीं दे सकते, उन्हें सिर्फ रिन्यूअल करना होता है. विदेश में पढ़ाई करने वाले और डिस्टेंस लर्निंग कोर्स करने वाले स्टूडेंट भी इस स्कीम से बाहर हैं.
PMSS Scholarship Application: कैसे करें आवेदन?
- सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर Annexure 1, 2 और 3 डाउनलोड करें और उन्हें सही तरीके से भरें.
- फिर "Apply Online" लिंक पर क्लिक करें और अपनी पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें.
- अगर पहली बार अप्लाई कर रहे हैं तो रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें.
- इसके बाद आपको ईमेल पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिल जाएगा.
- ईमेल में आए एक्टिवेशन लिंक पर क्लिक करके अकाउंट एक्टिवेट करें.
- लॉगिन करके "New Application" पर क्लिक करें और PMSS को चुनें.
- सारी डिटेल भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट स्कैन करके अपलोड करें.
- आखिर में "Save and Forward" जरूर दबाएं, वरना एप्लीकेशन सबमिट नहीं मानी जाएगी.
जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट
एप्लीकेशन के साथ कुछ डॉक्यूमेंट अपलोड करना जरूरी है, वरना एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकती है. इसमें एक्स-सर्विसमैन सर्टिफिकेट, कॉलेज से बोनाफाइड सर्टिफिकेट, आधार लिंक बैंक सर्टिफिकेट, मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट, MEQ की मार्कशीट, बैंक पासबुक की पहली पेज और आधार कार्ड शामिल है. रिन्यूअल के लिए भी अलग से कुछ एनेक्सचर और मार्कशीट अपलोड करनी होती है.
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