दुनिया के ताकतवर नेताओं के लिए आसमान हमेशा सुरक्षित नहीं रहा. रवांडा के राष्ट्रपति जुवेनल हब्यारिमाना का विमान मार गिराया गया था, लेबनान के 8 बार प्रधानमंत्री रहे रशीद करामी की जान भी हवा में ही चली गई थी. इतिहास गवाह है कि जिस ऊंचाई पर ये नेता सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं, वही ऊंचाई कई बार सबसे बड़ा खतरा बन जाती है.
दिलचस्प इत्तेफाक देखिए, ठीक उसी दिन 8 सितंबर को मुंबई में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले एक सिक्योरिटी ब्रीच की खबर ने भी हलचल मचा दी. यानी एक ही दिन, दो महाद्वीप, और नेताओं की सुरक्षा पर उठते वही पुराने सवाल. तो आखिर हवा में किसी राष्ट्राध्यक्ष को सुरक्षित रखना होता कितना मुश्किल है?
पीएम मोदी की हवाई सुरक्षा का जिम्मा किसके कंधों पर होता है, और इसके पीछे कौन-कौन से गुप्त प्रोटोकॉल काम करते हैं? नॉलेज अड्डा की इस कड़ी में एक्सपर्ट्स के साथ खोलते हैं इस अनकही सुरक्षा-व्यवस्था की परतें.
ग्राफिक: प्रियंका गोराइ
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