ड्रोन हमले में बाल-बाल बचे जेलेंस्की, PM मोदी के हवाई सफर के लिए क्या होता है बैकअप प्लान?

8 सितंबर को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का विमान मोल्दोवा से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था, तभी एक ड्रोन उनके विमान के काफी करीब आ गया. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से विमान बाल-बाल ड्रोन हमले की चपेट में आने से बच गया. दुनिया के बड़े नेताओं पर हवाई हमले की यह पहली घटना नहीं है.

दुनिया के ताकतवर नेताओं के लिए आसमान हमेशा सुरक्षित नहीं रहा. रवांडा के राष्ट्रपति जुवेनल हब्यारिमाना का विमान मार गिराया गया था, लेबनान के 8 बार प्रधानमंत्री रहे रशीद करामी की जान भी हवा में ही चली गई थी. इतिहास गवाह है कि जिस ऊंचाई पर ये नेता सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं, वही ऊंचाई कई बार सबसे बड़ा खतरा बन जाती है.

दिलचस्प इत्तेफाक देखिए, ठीक उसी दिन 8 सितंबर को मुंबई में पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले एक सिक्योरिटी ब्रीच की खबर ने भी हलचल मचा दी. यानी एक ही दिन, दो महाद्वीप, और नेताओं की सुरक्षा पर उठते वही पुराने सवाल. तो आखिर हवा में किसी राष्ट्राध्यक्ष को सुरक्षित रखना होता कितना मुश्किल है?

पीएम मोदी की हवाई सुरक्षा का जिम्मा किसके कंधों पर होता है, और इसके पीछे कौन-कौन से गुप्त प्रोटोकॉल काम करते हैं? नॉलेज अड्डा की इस कड़ी में एक्सपर्ट्स के साथ खोलते हैं इस अनकही सुरक्षा-व्यवस्था की परतें.

ग्राफिक: प्रियंका गोराइ

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By रवि मल्लिक

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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