स्टार्टअप की कोई उम्र नहीं! आईडिया हो तो उम्र मायने नहीं रखती

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में पीएम ने तमिलनाडु के बच्चों से बात की. उन्होंने स्किल डेवलेपमेंट और स्टार्टअप जैसे मुद्दों पर स्टूडेंट्स की बात सुनी और उन्हें सजेशन दिया.

Pariksha Pe Charcha 2026: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु स्थित कोयंबटूर के स्टूडेंट्स से बात की. उन्होंने कहा कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए 25 साल की उम्र जरूरी नहीं है. इसे कभी भी शुरू किया जा सकता है. 

स्टार्टअप की कोई उम्र नहीं

पीएम ने कहा, “स्टार्टअप शुरू करने के लिए 25 साल की उम्र जरूरी नहीं है, इसे कभी भी शुरू किया जा सकता है. स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री के एक्सपर्ट से कॉन्टैक्ट करके उनके काम करने के तरीके को समझना चाहिए.”

पीएन ने स्टूडेंट्स की तारीफ की

पीएम ने तमिलनाडु के स्टूडेंट्स की तारीफ की. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के स्टूडेंट्स पढ़ाई के साथ-साथ कला और स्किल डेवलेपमेंट को लेकर भी जागरुक हैं.

पीएम ने स्टार्टअप शुरू करने के लिए दी बच्चों को जरूरी सलाह

एक स्टूडेंट ने कहा कि मुझे स्टार्टअप करना है तो मुझे उसके लिए क्या करना होगा और एजुकेशनल लेवल पर उसके लिए क्या करना होगा. इस पर पीएम ने कहा कि कई तरह के स्टार्टअप होते हैं. आजकल के समय में टेक्नोलॉजी से जुड़े इनोवेशन पर काफी काम हो रहा है. जरूरी नहींं कि Startup के लिए कोई 25 साल की उम्र होनी चाहिए. इसे किसी भी उम्र में शुरू कर सकते हैं. छोटे-छोटे स्टार्टअप भी कर सकते हैं. स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री के एक्सपर्ट से कॉन्टैक्ट करके उनसे काम करने के तरीके को समझना और सीखना चाहिए.

कला और क्राफ्ट को भी समय दें

वहीं एक बच्ची ने सवाल किया कि पढ़ाई और हॉबीज के बीच बैलेंस कैसे बनाएं. पीएम ने कहा कि आप पढ़ाई और हॉबी को दो अलग विषय क्यों मानते हैं. अपनी हॉबी को पढ़ाई से जोड़ें फिर देखें कितना आनंद आता है. कला, क्राफ्ट आपके थकान को भी कम करता है. डेली या हफ्ते में 1-2 घंटे कला और क्राफ्ट को दें.

यह भी पढ़ें- परीक्षा पे चर्चा का दूसरा एपिसोड, PM ने तमिलनाडु के बच्चों से बात की

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >